ब्रेकिंग
भूमि विवाद में भाभी और भतीजी पर किया था एसिड अटैक, 12 साल बाद आरोपी को उम्रकैद की सजाRJD की टिकट पर बांकीपुर से एक बार फिर चुनाव लड़ेंगी रेखा गुप्ता, बोलीं...बीजेपी से त्रस्त हो गई है जनताप्रेमिका की शादी होने के बाद ब्लैकमेल कर रहा था युवक, गर्लफ्रेंड ने कर दी ऐसी सेटिंग; चली गई जानPMCH में जमकर हंगामा: इलाज के दौरान नर्स के पति की मौत, डॉक्टरों पर मारपीट और लापरवाही का आरोप, निशांत कुमार से अस्पताल में कैमरा लगाने की मांग बांकीपुर उपचुनाव पर सियासी घमासान तेज, पप्पू यादव ने प्रशांत किशोर को बताया ‘हवा-हवाई नेता’; दे दी यह बड़ी सलाहभूमि विवाद में भाभी और भतीजी पर किया था एसिड अटैक, 12 साल बाद आरोपी को उम्रकैद की सजाRJD की टिकट पर बांकीपुर से एक बार फिर चुनाव लड़ेंगी रेखा गुप्ता, बोलीं...बीजेपी से त्रस्त हो गई है जनताप्रेमिका की शादी होने के बाद ब्लैकमेल कर रहा था युवक, गर्लफ्रेंड ने कर दी ऐसी सेटिंग; चली गई जानPMCH में जमकर हंगामा: इलाज के दौरान नर्स के पति की मौत, डॉक्टरों पर मारपीट और लापरवाही का आरोप, निशांत कुमार से अस्पताल में कैमरा लगाने की मांग बांकीपुर उपचुनाव पर सियासी घमासान तेज, पप्पू यादव ने प्रशांत किशोर को बताया ‘हवा-हवाई नेता’; दे दी यह बड़ी सलाह

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की परवाह नहीं करती बिहार पुलिस, पटना HC ने इस मामले में लगाई फटकार

PATNA : पटना हाई कोर्ट ने बिहार पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। पटना हाई कोर्ट ने पुलिस द्वारा सात साल के कम सजा वाले मामलों में अभियुक्तों को सीआरपीसी की धारा 41 ए का लाभ नहीं दिये जा

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की परवाह नहीं करती बिहार पुलिस, पटना HC ने इस मामले में लगाई फटकार
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

PATNA : पटना हाई कोर्ट ने बिहार पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। पटना हाई कोर्ट ने पुलिस द्वारा सात साल के कम सजा वाले मामलों में अभियुक्तों को सीआरपीसी की धारा 41 ए का लाभ नहीं दिये जाने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। जस्टिस सत्यव्रत वर्मा ने विभिन्न अग्रिम जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी किया कि ऐसा लगता है कि राज्य की पुलिस सुप्रीम कोर्ट  एवं पटना हाई कोर्ट द्वारा पारित फ़ैसलों की कोई परवाह नहीं करती है। अब कोर्ट की इस टिप्पणी से बिहार के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।


जस्टिस सत्यव्रत वर्मा ने कोर्ट में मौजूद लगभग आधा दर्जन जिलों के एसपी से कहा कि सात साल से कम सजा वाले मामलों में जब पुलिस को जमानत देने का अधिकार है तो पुलिस ऐसा क्यों नहीं कर रही है? पुलिस के ऐसे रवैये से अदालत पर बोझ बढ़ता जा रहा है। यदि पुलिस सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेशों का सही ढंग से पालन नहीं करेगी तो वह अवमानना कार्रवाई की हकदार होगी।


अदालत ने कहा कि ‘पुलिस केवल शराब के मामलों में आरोपित को पकड़ने में लगी है जैसे वह कोई कुख्यात अपराधी है।’ पुलिस को यह देखना चाहिए कि आरोपित की गिरफ्तारी जरुरी है या नहीं। यदि आरोपित का व्यवहार कानूनी प्रक्रिया के प्रतिकूल है तो वह आरोपित को गिरफ्तार करे। इसके अलावा वह देखें कि गिरफ़्तारी जरूर है या नहीं।