1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 07 Feb 2026 01:16:52 PM IST
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Bihar Vidhan Sabha : बिहार विधानसभा के स्थापना दिवस के अवसर पर आज संयुक्त सदन की कार्यवाही का आयोजन हुआ, जिसमें देश के लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार और अन्य गणमान्य अतिथि भी शामिल हुए। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ने “सशक्त विधायक – सशक्त लोकतंत्र” विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया, जो विधायकों और आम जनता के लिए प्रेरक सिद्ध हुआ।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने बिहार को आध्यात्मिक और ऐतिहासिक धरती बताया। उन्होंने कहा कि बिहार जैसी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत वाली राज्य से ही देश के कई नेतृत्वकर्ता निकलते हैं। उन्होंने विधायकों से अपील की कि सदन में शोर-शराबे के बजाय तर्कपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखें। लेकिन आज देश में सदनों में मर्यादा गिर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की भावना का सम्मान करना और संविधान को समझना प्रत्येक विधायक का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं की कार्यवाही अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही है। 2026 के अंत तक सभी राज्यों की विधानसभाओं का डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया जाएगा। इससे विधायकों और जनता दोनों की जानकारी में वृद्धि होगी, और शासन में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से विधायकों को कानून, प्रस्ताव और संसदीय प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी प्राप्त होगी, जिससे वे अधिक सशक्त बन सकेंगे।
ओम बिड़ला ने सदनों की मर्यादा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए विधायकों का सशक्त होना आवश्यक है। उन्होंने विधायकों को यह संदेश दिया कि शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्ध रहना ही लोकतंत्र को मजबूत बनाता है। उन्होंने विधायकों से कहा कि उनकी भूमिका केवल कानून बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता की अपेक्षाओं और समस्याओं को समझकर उनके समाधान में योगदान देना भी उनका मुख्य कर्तव्य है।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों ने इस व्याख्यान को अत्यंत उपयोगी और मार्गदर्शक बताया। सशक्त विधायक ही सशक्त लोकतंत्र की नींव रखते हैं, और यह तभी संभव है जब विधायकों को जानकारी, संसाधन और प्रशिक्षण मिले। बिहार विधानसभा के स्थापना दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम विधायकों के सशक्तिकरण और लोकतंत्र की मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। कुल मिलाकर, लोकसभा अध्यक्ष का संदेश स्पष्ट था: पारदर्शिता, संविधान का सम्मान और विधायकों का सशक्त होना ही लोकतंत्र को मजबूत बनाएगा और जनता के विश्वास को बनाए रखेगा।