1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Sat, 07 Feb 2026 12:46:37 PM IST
CO की फाइल तस्वीर - फ़ोटो Google
Bihar Co; बड़े खिलाड़ी अंचल अधिकारी को सजा के नाम पर वेतन वृद्धि पर रोक का दंड दिया गया है. पटना के जिलाधिकारी की अनुशंसा पर उक्त अंचल अधिकारी को निलंबित किया गया था. तीन सालों बाद अब दो वेतनवृद्धि पर रोक का दंड लगाया गया है. उक्त अंचल अधिकारी वर्तमान में सुपौल में सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी के पद पर पदस्थापित हैं.
निजी दफ्तर खोलकर कराते थे वसूली...
बता दें, पटना जिले के संपतचक के तत्कालीन अंचल अधिकारी नंदकिशोर प्रसाद निराला को दिसंबर 2022 में निलंबित किया गया था. पटना के जिलाधिकारी की अनुशंसा पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने यह कार्रवाई किया था. सीओ द्वारा अपने अधिकृत कार्यालय के अतिरिक्त गोपनीय कार्यालय खोलकर अवैध रूप से राजस्व कर्मचारी व कार्यपालक सहायक की मिलीभगत से अवैध राशि की वसूली का धंधा कर रहा था. उनके खिलाफ मिली शिकायत के बाद पटना सदर के अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा 19 नवंबर 2022 को औचक निरीक्षण किया था. जिसमें पत्रकार नगर स्थिति एक होटल के बगल में एक मकान में अवैध रूप से अंचल कार्यालय चलाने का मामला सामने आया था। जांच में उस मकान में अंचल कार्यालय के कई दस्तावेज पाए गए थे। बाद में पता चला कि यह सब काम अंचल अधिकारी संपतचक की जानकारी में और मिलीभगत से हो रहा था। एक रैयत की 6.5 कट्ठा जमीन को कुछ लोगों ने अवैध रूप से अपने नाम करवा लिया। उसमें संपतचक सीओ भी शामिल रहे थे.
दो वेतनवृद्धि पर रोक का मिला दंड
निलंबन के बाद आरोपी अंचल अदिकारी नंदकिशोर प्रसाद निराला के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई. पटना के अपर समाहर्ता को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया था. संचालन पदाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट जुलाई 2025 में ही दे दिया. जांच रिपोर्ट के आदार पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 2 फरवरी को आरोपी अंचल अधिकारी के खिलाफ 2 वेतन वृद्धि पर रोक के दंड का आदेश दिया है. अंचल अधिकारी नंदकिशोर प्रसाद निराला वर्तमान में सुपौल जिले में सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी पद पर पदस्थापित हैं.