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शहाबुद्दीन का कुनबा JDU में जायेगा, भनक मिलते ही तेजप्रताप के पास पहुंच गए रईस खान

PATNA : एक दौर था जब आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और मोहम्मद शहाबुद्दीन की नजदीकियों की चर्चा होती थी. शाहबुद्दीन को लालू यादव का खासम खास कहा जाता था. लेकिन बदलते वक्त के साथ शहाबुद्दीन और लाल

शहाबुद्दीन का कुनबा JDU में जायेगा, भनक मिलते ही तेजप्रताप के पास पहुंच गए रईस खान
First Bihar
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PATNA : एक दौर था जब आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और मोहम्मद शहाबुद्दीन की नजदीकियों की चर्चा होती थी. शाहबुद्दीन को लालू यादव का खासम खास कहा जाता था. लेकिन बदलते वक्त के साथ शहाबुद्दीन और लालू के बीच दूरियां बढ़ी. शहाबुद्दीन जब इस दुनिया को छोड़ कर चले गए तब परिवार वालों ने लालू परिवार से भी दूरी बना ली. कहीं ना कहीं सहाबुद्दीन समर्थकों का आरोप रहा कि उनके परिवार के साथ लालू यादव का कुनबा खड़ा नहीं दिखा. बाद में तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव ने ओसामा साहब से मुलाकात की और डैमेज कंट्रोल का प्रयास भी किया, लेकिन राज्यसभा और विधान परिषद में जब शहाबुद्दीन के परिवार को दर्जी नहीं मिली तो आखिरकार हिना साहब ने ऐलान कर दिया कि वह अपने समर्थकों के साथ बातचीत कर भविष्य की राह तय करेंगी. अब यह माना जा रहा है कि शहाबुद्दीन का कुनबा जेडीयू के साथ जा सकता है क्योंकि आरजेडी से उसकी काफी दूरी बढ़ चुकी है.



ऐसे में शहाबुद्दीन के परिवार के सबसे बड़े विरोधी के तौर पर माने जाने वाले रईस खान ने आरजेडी और लालू परिवार से नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दी है. रईस खान और शहाबुद्दीन के परिवार के बीच पुरानी अदावत रही है. ऐसे में रईस खान का तेज प्रताप यादव से मिलना कहीं न कहीं बड़ा पॉलीटिकल मैसेज है तेज प्रताप यादव और रईस खान की मुलाकात वाली तस्वीरें सामने आई हैं. इसमें तेज प्रताप के मामा भी साथ खड़े नजर आ रहे हैं. इस मुलाकात को लेकर सियासी गलियारे में तरह-तरह की चर्चा हो रही है. चर्चा यह है कि शहाबुद्दीन के परिवार का जेडीयू में जाना कहीं न कहीं रईस खान के लिए आर गेटिंग में बड़ा स्पेस क्रिएट कर सकता है. सिवान में शहाबुद्दीन परिवार की दूरी आरजेडी से होने के बाद रईस खान एंट्री ले सकते हैं और इसी कड़ी में उन्होंने तेज प्रताप यादव से मुलाकात की है.



रईस खान ने पिछली दफा विधान परिषद का चुनाव लड़ा था. स्थानीय निकाय कोटे से विधान परिषद का चुनाव निर्दलीय लड़ने वाले रईस खान जीत तो हासिल नहीं कर पाए थे, लेकिन उन्होंने यह ऐलान जरूर कर दिया था कि वह लोकसभा का अगला चुनाव भी लड़ेंगे. रईस खान बीते कुछ महीनों में लालू यादव के परिवार के संपर्क में रहे हैं. यह खबर भी आती रही है शायद इस बात की जानकारी शहाबुद्दीन परिवार को भी हो चुकी है. यही वजह है कि शहाबुद्दीन का कुनबा अब अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर आगे की तरफ बढ़ना चाहता है. पिछले दिनों रईस खान के ऊपर हमले की भी खबर आई थी. इसके बाद ओसामा साहब के ऊपर भी नकेल कसने की शुरुआत दिखी थी, लेकिन बाद में हिना साहब ने यह कहते हुए बेटे का बचाव किया था कि अगर ऐसा रहा तो उनका पूरा परिवार सिवान छोड़ देगा.

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