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JEE Mains 2026 में बिहार के शुभम ने किया कमाल,100 पर्सेंटाइल के साथ बने बिहार टॉपर, इसी बहाने विस स्पीकर को सरकार से मिली बधाई; पढ़िए पूरा वाकया

गयाजी जिले के नादरगंज ब्राह्मणी घाट निवासी शुभम कुमार ने जेईई मेन्स 2026 में 100 पर्सेंटाइल हासिल कर बिहार में पहला स्थान प्राप्त किया है। साथ ही उन्होंने ऑल इंडिया स्तर पर तीसरा रैंक हासिल कर राज्य और जिले का नाम रोशन किया है।

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Tejpratap
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JEE MAINS RESULT 2026: बिहार के गयाजी जिले के नादरगंज ब्राह्मणी घाट निवासी शुभम कुमार ने जेईई मेन्स 2026 में 100 पर्सेंटाइल हासिल कर बिहार में पहला स्थान प्राप्त किया है। साथ ही उन्होंने ऑल इंडिया स्तर पर तीसरा रैंक हासिल कर राज्य और जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, स्कूल और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। अब इसी बात को लेकर आज बिहार विधानसभा के स्पीकर ने इस बात का जिक्र कर इस छात्र को बधाई दिया, लेकिन यहां सबसे अहम बात यह रही कि इस छात्र के बहाने स्पीकर ने खुद सरकार ने अपनी बधाई ले ली।


विधानसभा में जब स्पीकर ने इस बात का जिक्र किया तो संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने न सिर्फ इस छात्र को बधाई दी बल्कि यह कहा कि इस सदन में को गयाजी जिले का नेतृत्व करते हैं सरकार उनको भी बधाई देती है, इस बीच कुमार सर्वजीत ने भी चुटकी ली की लगता है आप मूझे भूल गए मैं भी गया जी से ही आता हूँ उसके बाद चौधरी ने कहा की इसी वजह से तो मैंने गयाजी जिला कहा है और जिले में तो आप भी शामिल है।


शुभम कुमार साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उनके पिता शिवकुमार गया शहर के रमना रोड पर हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी माता कंचन देवी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद शुभम ने अपने लक्ष्य को लेकर कभी समझौता नहीं किया। परिवार ने भी हर कदम पर उनका साथ दिया और पढ़ाई के लिए पूरा सहयोग किया।


शुभम की प्रारंभिक शिक्षा गया शहर के नजरथ एकेडमी स्कूल से हुई, जहां से उन्होंने दसवीं कक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल से बारहवीं की पढ़ाई पूरी की। इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए वे करीब एक वर्ष पहले राजस्थान के कोटा चले गए, जहां रहकर उन्होंने जेईई मेन्स की तैयारी की।


शुभम बताते हैं कि नियमित अभ्यास, सही समय प्रबंधन और निरंतर मेहनत उनकी सफलता का आधार रहे। वे प्रतिदिन लगभग 10 से 12 घंटे पढ़ाई करते थे। जिन विषयों में कठिनाई महसूस होती थी, उन पर विशेष ध्यान देते थे और बार-बार अभ्यास करते थे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के त्याग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और स्वयं के अनुशासन को दिया है।


शुभम के परिवार में एक भाई और एक बहन हैं। उनकी बहन वर्तमान में आईआईटी पटना में प्रथम वर्ष की छात्रा हैं और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही हैं। परिवार में पहले से ही पढ़ाई का माहौल रहा है, जिसने शुभम को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।


शुभम की इस उपलब्धि से न केवल उनके घर में बल्कि पूरे गया जिले में गर्व का वातावरण है। स्थानीय लोगों, शिक्षकों और परिचितों ने इसे जिले के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया है। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला छात्र भी राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है।