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सत्तरघाट पुल का अप्रोच ध्वस्त होने का मामला, सरकार ने ठेकेदार के बजाय स्थानीय लोगों पर ही कर दिया तीन मुकदमा

1st Bihar Published by: Updated Jul 17, 2020, 6:09:18 PM

सत्तरघाट पुल का अप्रोच ध्वस्त होने का मामला, सरकार ने ठेकेदार के बजाय स्थानीय लोगों पर ही कर दिया तीन मुकदमा

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PATNA : गोपालगंज में सत्तरघाट पुल के अप्रोच रोड ध्वस्त होने के बाद भारी फजीहत झेल रही बिहार सरकार ने स्थानीय लोगों पर अपनी खीज निकाली है. रोड को बनाने वाला ठेकेदार सलामत है, सरकार ने स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों पर तीन मुकदमे ठोंक दिये हैं. पुलिस स्थनीय जनप्रतिनिधियों और लोगों को पकड़ने के लिए छापेमारी करने में भी लग गयी है.


गोपालगंज में तीन मुकदमे दर्ज किये गये
गोपालगंज में सत्तरघाट पुल का अप्रोच रोड टूटने के मामले में बैकुंठपुर थाने में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराया गया है. पहले मुकदमे में वार्ड नंबर 31 के पार्षद विजय बहादुर यादव, स्थानीय मुखिया संजय राय समेत दो दर्जन से ज्यादा लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. एफआईआर दर्ज कराने वाले सरकार के सर्किल अफसर पंकज कुमार ने कहा है कि इन लोगों ने लॉकडाउन का उल्लंघन किया है. उन पर आरोप है कि लॉकडाउन के बावजूद गुरुवार को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था और मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री का पुतला फूंका था.


ठेकेदार ने भी किया FIR
उधर सत्तरघाट पुल के अप्रोच रोड ध्वस्त होने के मामले में ठेकेदार पर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे हैं. लेकिन रोड के ठेकेदार ने स्थानीय लोगों पर अपनी ओर से एक मुकदमा दर्ज कराया है. रोड के ठेकेदार उदय सिंह ने स्थानीय मुखिया संजय राय के खिलाफ केस दर्ज कराया है. ठेकेदार ने आरोप लगाया है कि स्थानीय मुखिया संजय राय ने काम में बाधा पहुंचायी है.


पुल निर्माण निगम ने भी कराया एफआईआर
इन दो मुकदमों के अलावा बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की तरफ से भी अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है. निगम की ओर से बैकुंठपुर थाने में दर्ज करायी गयी प्राथमिकी में कहा गया है कि कुछ स्थानीय लोग सरकारी काम में बाधा पहुंचा रहे हैं. लिहाजा पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करे.


सरकार पर उठे गंभीर सवाल
सत्तरघाट पुल के अप्रोच रोड ध्वस्त होने के बाद इसे बनाने वाले ठेकेदार और सरकारी अधिकारियों पर सवाल उठ रहे थे. लेकिन ठेकेदार और सरकारी अधिकारी दूसरों पर मुकदमा दर्ज करा रहे हैं. स्थानीय लोगों ने कहा कि रोड टूटने के मामले में जहां ठेकेदार और कंपनी खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए वहीं, इसके उलट आवाज उठाने वाले लोगों पर मामला दर्ज कराया जा रहा है.


गौरतलब है कि गोपालगंज के बैकुंठपुर में एक महीने नीतीश कुमार के हाथों सत्तरघाट पुल का उद्घाटन हुआ था. लेकिन उद्घाटन के 29वें दिन ही पुल का अप्रोच रोड  को ध्वस्त हो गया. पुल के अप्रोच रोड पर गंडक नदी के पानी का थोडा सा दबाव बढ़ा और वह रेत की दीवार की तरह ध्वस्त हो गया. इस पुल के अप्रोच रोड के ढह जाने से छपरा, सीवान के लोगों का पूर्वी चंपारण और मुजफ्फरपुर से सीधा संपर्क टूट गया है. अब लोगों को 35 से 40 किलोमीटर अधिक चक्कर लगाना पड़ रहा है.