1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 11, 2023, 9:20:01 PM
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DESK: बिहार में करीब 6 साल से पूर्ण शराबबंदी है लेकिन शराब पीने और बेचने वाले अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे लोगों को पुलिस पकड़ती है फिर जेल से छूटकर बाहर आते हैं और शराब पीने लगते हैं और शराब तस्कर इसकी अवैध बिक्री में जुट जाते हैं। हम नहीं सुधरेंगे की तर्ज पर ये लोग काम करते हैं। दोबारा पकड़े जाते हैं फिर छूट जाते हैं। ऐसे लोगों में पुलिस का भी खौफ नहीं रहता है। लेकिन अब ऐसे लोगों के दिमाग को दुरुस्त करने के लिए निगरानी कमेटी का गठन किया गया है।
ऐसे लोग जो शराब पियेंगे और जो शराब बेचेगा दोनों की अब धुलाई झाड़ू, चप्पल-जूते से की जाएगी। यह काम महिलाएं अपने हाथों से करेंगी। बजाप्ता इसे लेकर निगरानी कमेटी भी गठित की गयी है। अब यदि कोई दारू पीने और बेचने की सोचेगा तो उसकी खैर नहीं।
दरअसल कैमूर जिले के टोड़ी पंचायत में शराब के खिलाफ जागरुकता रैली निकाली गयी। इस दौरान निगरानी कमेटी का गठन किया गया। इस रैली में भारी संख्या महिलाए और पुरुष शामिल हुए। सभी ने प्रण लिया कि वे नशा मुक्त बिहार बनाएंगे। जो कोई शराबबंदी कानून के विरोध में दिखेगा उसकी झाड़ू चप्पल से जमकर पिटाई करेंगे।
पिटाई के बाद उसे पुलिस के हवाले किया जाएगा। रैली को संबोधित करते हुए थानाध्यक्ष अनिल प्रसाद ने भी महिलाओं को भरोसा दिलाया कि यदि उनके गांव में कोई शराब पीता या बेचता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।