समाज सुधार अभियान यात्रा में गाए गीत से देश में छा गई इंदु देवी, सोशल मीडिया पर तेजी से हो रहा वायरल

समाज सुधार अभियान यात्रा में गाए गीत से देश में छा गई इंदु देवी, सोशल मीडिया पर तेजी से हो रहा वायरल

DESK: मुख्यमंत्री की समाज सुधार अभियान यात्रा के दौरान मुजफ्फरपुर में लोक गायिका इंदु देवी ने जो गीत प्रस्तुत किया वह इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इंदु देवी के इस गीत की चर्चा पूरे देश में हो रही है। लोग इसे काफी पसंद भी कर रहे हैं। जितनी प्रसिद्धि इंदु देवी को इस गीत से मिली हैं वह पहले कभी नहीं मिली थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी यह गीत काफी पसंद आया था। इस गीत को लेकर उन्होंने इंदु देवी की सराहना भी की। 


गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 22 दिसंबर को पूर्वी चंपारण जिले से ‘समाज सुधार अभियान यात्रा’ की शुरुआत की थी। नीतीश कुमार को यात्रा शुरू किए 12 दिन बीत चुके हैं। इस दौरान सीएम नीतीश मुजफ्फरपुर भी आए थे। आज मंगलवार को उनकी यह यात्रा औरंगाबाद में थी। औरंगाबाद में जनता के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री ने लोगों को संबोधित किया और समाज में व्याप्त कुरीतियों के बारे में बताया। मुख्यमंत्री की इस यात्रा का मुख्य उद्धेश्य शराब के खिलाफ जागरूकता पैदा करने के साथ-साथ दहेज और बाल विवाह जैसी कुरीतियों को दूर करना है। 


इसी उद्धेश्य को लेकर मुख्यमंत्री बीते दिनों मुजफ्फरपुर आए थे। मुजफ्फरपुर में गायिका इंदु देवी ने सीएम नीतीश के समक्ष एक गीत प्रस्तुत किया था। इस गीत के बोल थे एक गंजेड़ी गांजा पीके चिलम दिया लहराई हो...चिलम दिया लहराई...चिलम में से तितकी उड़ के हो..जर गइल तोसक रजाई, नसबा नरक में ले जाई, जनी पीअह हे भाई़...


अपने इस गीत से कुढ़नी के सकरी सरैया की लोक गायिका इंदु देवी देश में चर्चित हो गयी। लोक गायिका इंदु देवी ने सीएम नीतीश के समक्ष मुजफ्फरपुर में समाज सुधार अभियान के दौरान जो गीत प्रस्तुत किए वह आज सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा है। इसे लोग खूब पसंद भी कर रहे हैं। इस पर कई लाइक, शेयर और कमेंट्स भी आ रहे हैं।  


बता दें कि इंदु देवी पिछले डेढ़ साल से जीविका समूह से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले भी इंदु देवी गायघाट में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में गीत प्रस्तुत कर चुकी हैं। इंदु देवी को सुर की अच्छी जानकारी है हालांकि उन्होंने कभी गायन का प्रशिक्षण नहीं लिया और ना ही स्कूली शिक्षा ही प्राप्त की। गांव में साक्षरता अभियान के तहत उसने हिन्दी पढ़न और लिखना सीखा। इंदु निरंकारी सत्संग से जुड़ी हैं वह भजन भी गाती है। इंदू खुद गाने को लिखती है और उसे गाती है। 2007 में बिहार सरकार के शिक्षा परियोजना से वे जुड़ी थी जिसके बाद से सरकारी कार्यक्रम में गीतों की प्रस्तुति के लिए उन्हें बुलाया जाने लगा।  


इंदू देवी कहती है कि चिलम वाला गीत उसने 30 साल पहले कही सुना था उसे यह गीत अच्छा लगा तो उसे अच्छी तरह से याद कर लिया। अब वह इस गीत को सरकार के नशामुक्ति अभियान में गा रही है। उसके पति पेशे से दर्जी हैं जो 16 साल से बीमार हैं। घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गयी जिसके बाद वह दूसरों के घरों में चौका बर्तन करने लगी और साथ ही दूसरों के खेतों में मजदूरी कर अपने तीन बच्चों को किसी तरह तालिम दी। घर चलाना जब मुश्किल हो गया तब माता के जागरण में भी वह जाने लगी। 


जिसके बाद पैसे जमा कर उसने एक बेटी की किसी तरह से शादी की। परिवार में चार लोगों के भरण पोषण की जिम्मेदारी उस पर है। अपनी कड़ी मेहनत के बदौलत वह परिवार चला रही है। उसके पिता पटना में रिक्शा चलाते थे वे शराब अधिक पीते थे जिसके कारण वे बीमार हो गये और उनकी मौत हो गयी। पिता की मौत के बाद वह नशे के खिलाफ हो गयी। नशा नहीं करने की सलाह वह लोगों को देने लगी। लोगों को जागरुक करने लगी। 


आज इंदु देवी जीविका समूह से जुड़ी हुई है। करीब डेढ़ साल से इससे जुड़कर लोगों के बीच जाकर उन्हें नशा से दूर रहने की अपील कर रही है। घर घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही है। मुजफ्फरपुर में जब मुख्यमंत्री का कार्यक्रम था तब उसे गीत प्रस्तुत करने का मौका मिला। इंदु देवी की इस गीत की अब सोशल मीडिया पर लोग खुब पसंद कर रहे हैं। गाने का यह वीडियो भी इन दिनों खूब वायरल हो रहा है। इंदु देवी ने कभी नहीं सोचा था कि इस गाने को लेकर देश में लोग उसे जानेगे और एक अलग पहचान बनेगी।