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RJD को तेजस्वी के CM बनने के सपने पर ग्रहण लगने का अंदेशा: पार्टी के सारे नेताओं को कुछ भी बोलने से मना किया

1st Bihar Published by: Updated Oct 01, 2022, 5:42:56 PM

RJD को तेजस्वी के CM बनने के सपने पर ग्रहण लगने का अंदेशा: पार्टी के सारे नेताओं को कुछ भी बोलने से मना किया

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PATNA: बिहार में मुख्यमंत्री की कुर्सी से नीतीश कुमार की विदाई और तेजस्वी की ताजपोशी की चर्चाओं के बीच राजद ने अपने तमाम नेताओं को फरमान जारी कर दिया है। राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने आज पत्र जारी कर पार्टी के तमाम नेताओं को कहा है कि वे गठबंधन, सरकार औऱ नेतृत्व के बारे में एक शब्द भी नहीं बोलें। जो बोलना होगा वह तेजस्वी यादव बोलेंगे। बता दें कि राजद ने ऐसा ही फरमान तब जारी किया था जब बिहार में सत्ता का फेरबदल होना था। नीतीश के पाला बदलने से पहले राजद ने अपने तमाम नेताओं को जेडीयू और नीतीश के बारे में कुछ भी बोलने से मना कर दिया था।


जगदानंद सिंह की चिट्ठी

राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने शनिवार को पत्र जारी किया है. उन्होंने राजद के सारे सांसद, विधायक, पदाधिकारियों औऱ नेताओं को कहा है कि वे गठबंधन, सरकार औऱ नेतृत्व के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करें. जगदानंद सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि पहले ही विधायक दल की बैठक में ये फैसला लिया जा चुका है कि गठबंधन और नेतृत्व पर आधिकारिक बयान देने के लिए सिर्फ तेजस्वी यादव ही अधिकृत हैं. बाकी नेताओं को नहीं बोलना है. ऐसे में पार्टी का कोई भी नेता इन मसलों पर बयान नहीं दे।


खेल बिगड़ने का खतरा?

सवाल ये है कि जगदानंद सिंह को ये पत्र क्यों जारी करना पड़ा. जगदानंद सिंह ने जिस बयानबाजी पर रोक लगाया है उसकी शुरूआत तो उन्होंने खुद की थी. राजद के प्रदेश अध्यक्ष ने ही सबसे पहले मीडिया को कहा था कि नीतीश 2023 में बिहार के सीएम की कुर्सी छोड़ेंगे औऱ तेजस्वी यादव की ताजपोशी होगी. उसके बाद ही पार्टी के दूसरे नेताओं ने इस मसले पर बयान दिया।


राजद के अंदर की खबर ये है कि लालू परिवार को लग रहा है कि बयानबाजी से पहले से हुआ करार खतरे में पड़ सकता है. तेजस्वी से लेकर राजद के प्रमुख नेताओं के बयान ही बता रहे हैं कि राजद-जेडीयू गठजोड़ से पहले डील हुई थी. उस डील को तेजस्वी के सबसे करीबी माने जाने वाले जगदानंद सिंह ने उजागर कर दिया था. इसके बाद नीतीश ने आपत्ति जतायी, वहीं लालू परिवार को लग रहा है कि बीजेपी इस मौके का फायदा उठा सकती है. बीजेपी बीच में घुसी तो तेजस्वी को सीएम बनाने का सपना पूरा नहीं हो पायेगा।


लेकिन जो खबर आ रही है वह यही है कि नीतीश को 2025 से पहले कुर्सी छोड़नी पड़ेगी. 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले तेजस्वी की ताजपोशी होगी.  मौजूदा परिस्थिति भी इसकी गवाही दे रही है। दरअसल,नीतीश जब तक बीजेपी के साथ थे तब तक जेडीयू ही नहीं बल्कि भाजपा के भी नेता ये एलान करते थे कि नीतीश कुमार 2025 तक सीएम रहेंगे। अब आलम ये है कि राजद के प्रदेश अध्यक्ष ने ये एलान कर दिया कि 2023 में नीतीश कुमार सीएम की कुर्सी छोंडेंगे. लेकिन नीतीश से लेकर जेडीयू का कोई नेता ये नहीं कह पा रहा है कि वे 2025 के विधानसभा चुनाव तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे।


वैसे इस मसले पर शुक्रवार को तेजस्वी यादव ने भी बयान दिया था. तेजस्वी ने कहा था कि उन्हें सीएम बनने की हड़बड़ी नहीं है. अभी नीतीश कुमार बिहार में महागठबंधन के नेता और मुख्यमंत्री हैं. लेकिन तेजस्वी ने एक बार भी ये नहीं कहा कि अगले विधानसभा चुनाव तक नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री बने रहेंगे।