1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 13 Feb 2026 09:19:43 AM IST
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Bihar Assembly : बिहार विधानसभा के बजट सत्र में आज शुक्रवार का दिन भी राजनीतिक रूप से काफी गर्म रहने की संभावना है। सत्र के दौरान विपक्ष और सरकार के बीच महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर तीखी बहस और हंगामे के आसार जताए जा रहे हैं। विपक्षी दलों ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि वे इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेंगे और सदन में जोरदार विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय जनता दल और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विधायक आज सदन की कार्यवाही के दौरान महिला सुरक्षा की स्थिति और राज्य में बढ़ते अपराध के मामलों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं और सरकार इस पर प्रभावी कदम उठाने में विफल रही है।
आज सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे से शुरू होगी। कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी, जिसमें विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर विधायकों के सवालों का जवाब संबंधित मंत्रियों द्वारा दिया जाएगा। आज के प्रश्नकाल में ऊर्जा विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, पर्यटन विभाग, योजना एवं विकास विभाग, संसदीय कार्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग और विधि विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न शामिल हैं। इन विभागों से संबंधित योजनाओं, विकास कार्यों और नीतिगत निर्णयों पर सरकार को स्पष्टीकरण देना होगा।
प्रश्नकाल के बाद सदन में शून्य काल की कार्यवाही होगी। शून्य काल के दौरान विधायक अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े तात्कालिक और जनहित के मुद्दों को उठाते हैं। माना जा रहा है कि विपक्ष इस दौरान महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाएगा। इसके बाद ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया जाएगा, जिसमें सदस्यों द्वारा किसी विशेष मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित कराया जाता है।
इन प्रक्रियाओं के बाद सदन की कार्यवाही को पहले हाफ के लिए स्थगित कर दिया जाएगा और भोजन अवकाश घोषित किया जाएगा। भोजन अवकाश के बाद दोपहर में सदन की कार्यवाही पुनः शुरू होगी। दूसरे हाफ में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा, जो आज की कार्यवाही का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
अनुपूरक बजट के दौरान सरकार विभिन्न विभागों के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधानों का प्रस्ताव रखेगी। इसके साथ ही सदन में आय-व्यय के अनुदानों की मांग पर विस्तृत चर्चा होगी। चर्चा के बाद इन अनुदानों पर मतदान भी कराया जाएगा। यह प्रक्रिया राज्य के आगामी वित्तीय योजनाओं और विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बजट सत्र के दौरान विपक्ष सरकार की नीतियों और योजनाओं पर सवाल उठाने का पूरा प्रयास करेगा। वहीं सरकार अपनी उपलब्धियों और विकास कार्यों को सदन के सामने रखने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में सदन के भीतर तीखी बहस और राजनीतिक नोकझोंक देखने को मिल सकती है।
बजट सत्र का यह चरण राज्य की आर्थिक और प्रशासनिक दिशा तय करने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। सदन में होने वाली चर्चा और फैसलों का असर आने वाले समय में राज्य की विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों पर पड़ सकता है। इसलिए आज की कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।