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New toll rule 2026 : एक्सप्रेसवे यात्रियों को राहत! टोल वसूली नियमों में बड़ा बदलाव, अब नहीं देना होगा पूरा शुल्क

15 फरवरी 2026 से एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली के नियम बदलने जा रहे हैं। अब आंशिक रूप से चालू एक्सप्रेसवे पर यात्रियों से केवल चालू हिस्से के आधार पर कम दर से टोल लिया जाएगा, जिससे यात्रा सस्ती और सुविधाजनक होगी।

New toll rule 2026 : एक्सप्रेसवे यात्रियों को राहत! टोल वसूली नियमों में बड़ा बदलाव, अब नहीं देना होगा पूरा शुल्क
Tejpratap
Tejpratap
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New toll rule 2026 : देशभर में तेज, सुरक्षित और आरामदायक सड़क यात्रा का इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। भारत सरकार ने आंशिक रूप से चालू नेशनल एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली के नियमों में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। नए नियम के तहत यदि कोई एक्सप्रेसवे अपनी पूरी लंबाई में शुरू नहीं हुआ है, तो यात्रियों से केवल चालू हिस्से के आधार पर ही टोल वसूला जाएगा। यह संशोधित व्यवस्था 15 फरवरी 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएगी, जिससे यात्रियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।


दरअसल, सड़क परिवहन से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नेशनल हाईवे फीस (निर्धारण और संग्रह) नियम, 2008 में संशोधन किया है। नए प्रावधान के अनुसार, अगर किसी एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है और केवल कुछ हिस्सा ही यातायात के लिए खुला है, तो टोल शुल्क भी केवल उसी हिस्से पर लागू होगा। इतना ही नहीं, उस हिस्से पर एक्सप्रेसवे की बजाय सामान्य नेशनल हाईवे की दर से टोल वसूला जाएगा, जो आमतौर पर कम होती है। इससे यात्रियों को पहले की तुलना में कम खर्च करना पड़ेगा।


अब तक कई स्थानों पर आंशिक रूप से तैयार एक्सप्रेसवे पर भी पूरी लंबाई के हिसाब से टोल लिया जाता था। इस वजह से यात्रियों और वाहन चालकों में नाराजगी रहती थी, क्योंकि उन्हें अधूरी सुविधाओं के बावजूद पूरा शुल्क देना पड़ता था। नए नियम के लागू होने के बाद इस असमानता को खत्म करने की कोशिश की गई है। सरकार का मानना है कि यह फैसला यात्रियों के हित में बड़ा कदम साबित होगा और सड़क परिवहन को अधिक न्यायसंगत बनाएगा।


सरकार का यह भी कहना है कि टोल दरों में कमी आने से ज्यादा लोग एक्सप्रेसवे के चालू हिस्सों का उपयोग करेंगे। इससे पुराने और समानांतर चल रहे नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। खासतौर पर ट्रकों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही तेज होगी, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आने की संभावना है। सामान की डिलीवरी तेज और समय पर होने से व्यापार और उद्योग को भी फायदा मिलेगा। इसके अलावा यात्रियों का समय बचेगा और ईंधन की खपत में भी कमी आएगी।


ट्रैफिक जाम को कम करना भी इस फैसले का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है। जब वाहन कम भीड़ वाले एक्सप्रेसवे की ओर शिफ्ट होंगे, तो पुराने हाईवे पर जाम की समस्या कम हो सकती है। इससे वाहनों के रुक-रुक कर चलने की स्थिति कम होगी और प्रदूषण स्तर में भी गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है। पर्यावरण के लिहाज से भी यह कदम सकारात्मक माना जा रहा है।


इस नए नियम को लागू करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और अन्य संबंधित एजेंसियों को दी गई है। 15 फरवरी 2026 से देशभर में जहां-जहां एक्सप्रेसवे आंशिक रूप से चालू हैं, वहां इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह निर्णय राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे उपयोगकर्ताओं के लिए यात्रा को अधिक किफायती, सुविधाजनक और तेज बनाने की दिशा में एक अहम पहल साबित होगा।