रेमडेसिविर के लिए बिहार का कोटा बढ़ा, 15 जगहों पर ऑक्सीजन प्लांट लगाने की प्रक्रिया भी शुरू

1st Bihar Published by: Updated Sat, 08 May 2021 07:29:01 AM IST

रेमडेसिविर के लिए बिहार का कोटा बढ़ा, 15 जगहों पर ऑक्सीजन प्लांट लगाने की प्रक्रिया भी शुरू

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PATNA : कोरोना काल में मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली रेमडेसिविर इंजेक्शन का कोटा बिहार के लिए बढ़ा दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, केंद्र की तरफ से पहले 21 अप्रैल से 9 मई तक बिहार को आवंटित रेमडेसिविर इंजेक्शन का कोटा बढ़ाकर अब 21 अप्रैल से 16 मई तक एक लाख 50 हजार कर दिया गया है. वहीं, केंद्र सरकार ने बिहार में 15 जगहों पर ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. 


आपको बता दें कि इससे पहले बिहार को केंद्र की तरफ से रेमेडिसिवर का 87 हजार 800 कोटा मिलना तय किया गया था. इसके साथ ही गंभीर कोरोना मरीजों को विशेष परिस्थिति में दी जाने वाली काफी महंगी विदेशी टोसिल्ली ज़ुम्ब दवा की बिहार को अबतक 150 वायल मिल चुकी है, जबकि बहुत जल्द उसकी 120 वायल और प्राप्त हो जायेगी. 


इधर दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन की जिलेवार आवंटन में परिवर्तन किया है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अब नई व्यवस्था के तहत आवंटन की मात्रा का 50 प्रतिशत भाग सिविल सर्जन द्वारा जिले के सरकारी अस्पतालों में उपयोग करने एवं शेष 50 प्रतिशत चिन्हित निजी अस्पतालों में इलाजरात मरीजों के लिए दिया जाएगा. पटना जिला सिविल सर्जन को आवंटित रेमडेसिविर इंजेक्शन के कुल आवंटन के 20 फीसदी का उपयोग सरकारी अस्पताल में और शेष 80 फीसदी पटना जिला के निजी अस्पतालों में इलाजरत मरीजों के लिए पहले से निर्धारित व्यवस्था के तहत आवंटित किया जाएगा. पटना के अलावा अन्य जिलों में यह अनुपात 50-50 का रहेगा.


इसके अलावा केंद्र सरकार की तरफ से बिहार में 15 जगहों पर ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. 15 जगहों पर ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगाने का काम शुरू कर दिया गया है. इनमें डेहरी ऑनसोन (रोहतास), महुआ (वैशाली), रजौली(नवादा), नरकटियागंज (पश्चिमी चंपारण), महाराजगंज (सीवान), जयनगर (मधुबनी), जगदीशपुर (भोजपुर), डुमरांव (बक्सर), मसौढ़ी (पटना), पटौरी (समस्तीपुर), बनमनखी (पूर्णिया), फारबिसगंज (अररिया), सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा), बलिया (बेगूसराय), कहलगांव (भागलपुर) शामिल हैं. इसकी मॉनिटरिंग DRDO द्वारा एवं सिविल-विद्युत संबंधी कार्य एनएचएआई के द्वारा कराया जाएगा.


जानकारी हो कि पेट्रोलियम मंत्रालय राज्य के सभी 09 मेडिकल कॉलेजों में अगले 3 महीने में 18 करोड़ की लागत से प्रति मिनट ढाई हजार लीटर ऑक्सीजन उत्पादन  क्षमता का प्लांट व एनएचएआई 15 अनुमंडलों में प्रति मिनट 500 लीटर से 960 लीटर क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगा रहा है. इंडियन ऑयल ने ऑक्सीजन ढुलाई के लिए बिहार को छह टैंकर दिए हैं.