Bihar Crime News: फर्जी ‘अग्नि एप’ से 1.13 करोड़ ठगी का मास्टरमाइंड हरियाणा से गिरफ्तार, बिहार में साइबर पुलिस का बड़ा एक्शन

मोतिहारी साइबर पुलिस ने फर्जी ‘अग्नि एप’ के जरिए 1.13 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड संगम कुमार को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। गिरोह मोबाइल रिचार्ज और बिजली बिल भुगतान पर अधिक रिटर्न का लालच देकर युवाओं को ठगता था।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Wed, 18 Feb 2026 06:13:22 PM IST

Bihar Crime News: फर्जी ‘अग्नि एप’ से 1.13 करोड़ ठगी का मास्टरमाइंड हरियाणा से गिरफ्तार, बिहार में साइबर पुलिस का बड़ा एक्शन

प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो AI

Bihar Crime News: बिहार के मोतिहारी साइबर थाना पुलिस ने फर्जी ‘अग्नि एप’ के जरिए करीब 1 करोड़ 13 लाख रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड संगम कुमार को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। आरोपी फरीदाबाद के पाली गांव का रहने वाला है।


साइबर डीएसपी अभिनव परासर ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी। संगम कुमार खुद को ‘अग्नि एप’ का सीईओ बताता था और युवाओं को मोबाइल रिचार्ज, बिजली बिल भुगतान, विज्ञापन आदि पर अधिक रिटर्न का लालच देता था। साथ ही ज्यादा पूंजी निवेश करने पर कार समेत आकर्षक उपहार देने का प्रलोभन भी दिया जाता था।


गिरोह ने रक्सौल क्षेत्र में सेमिनार आयोजित कर लोगों को फर्जी एप से जोड़ने का अभियान चलाया। भरोसा जीतने के लिए शुरुआत में कुछ दिनों तक निवेशकों के खातों में कमीशन की राशि भी भेजी गई। जब एक करोड़ से अधिक राशि जमा हो गई, तो एप बंद कर दिया गया और ठग पूरी रकम निकालकर फरार हो गए।


यह मामला वर्ष 2025 का है। रक्सौल थाना क्षेत्र के छोटा परेउवा ब्लॉक रोड वार्ड-18 निवासी अभिषेक कुमार शर्मा ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले में संगम कुमार के अलावा दिल्ली निवासी जितेंद्र कुमार शर्मा उर्फ विक्की, यूपी निवासी संजीव कुमार, जितेंद्र शर्मा और संतोष कुमार को भी आरोपित किया गया है।


ठगी के शिकार सभी युवक रक्सौल थाना क्षेत्र के हैं। मनोहर ने सबसे अधिक 47.87 लाख रुपये निवेश किए थे। इसके अलावा अभिषेक कुमार ने 21.95 लाख, रुपेश ने 9.10 लाख, नारायण कुमार ने 7.50 लाख और असलम आलम ने 5.90 लाख रुपये लगाए थे। अधिक लाभ की उम्मीद में युवकों ने बड़ी रकम निवेश की, लेकिन भुगतान बंद होते ही उन्हें ठगी का एहसास हुआ। छापेमारी टीम में साइबर डीएसपी के अलावा इंस्पेक्टर मुमताज आलम, राजीव कुमार सिन्हा, दारोगा शिवम कुमार सिंह और सिपाही राकेश कुमार शामिल थे। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।