1st Bihar Published by: Updated Thu, 22 Apr 2021 07:47:27 AM IST
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PATNA : बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच देश में ऑक्सीजन के साथ-साथ रेमडेसिविर इंजेक्शन की जबरदस्त किल्लत है। डॉक्टरों की तरफ से कोरोना मरीजों के इलाज में पहले खुद रेमडेसिविर इंजेक्शन लिखी जा रही थी लेकिन अब किल्लत होने के बाद देश के बड़े डॉक्टरों ने WHO के रिसर्च का हवाला देते हुए इसके इस्तेमाल पर नई थ्योरी दी है।
पटना एनएमसीएच के अधीक्षक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने अस्पताल के चिकित्सकों को आदेश जारी कर कहा है कि कोरोना मरीजों के इलाज के लिए रेमडेसिविर प्रेस्क्राइब नहीं करें। इससे मरीजों में अनावश्यक पैनिक स्थिति हो जाती है। उन्होंने जारी आदेश में कहा है कि तमाम के अनुसंधानों से यह साबित हो चुका है कि कोविड 19 के मरीजों के इलाज में रेमडेसिविर की उपयोगिता नहीं है। डब्ल्यूएचओ द्वारा भी इस दवा की उपयोगिता को नकार दिया गया है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही पटना एम्स के डायरेक्टर ने पटना हाईकोर्ट में कहा था कि रेमडेसिविर तो कोरोना वायरस की दवा है ही नहीं। बेवजह इसके लिए हायतौबा मचाई जा रही है। इसके होंने बाद कोर्ट ने खरीद का ऑडर देने नाम के लिए सरकार से जवाब मांगा है।

उधर देश में कोरोना मरीजों के लिए रेमडेसिविर की कमी के कई मामले सामने आने के बाद अब दिल्ली एम्स ने भी राहत भरी खबर दी है। दिल्ली एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बुधवार को दावा किया कि कोरोना के 85% से अधिक मरीज विशेष इलाज के बिना ठीक हो जाएंगे। उन्हें रेमडेसिविर, स्टेरॉयड या अन्य किसी विशेष दवा की जरूरत नहीं होगी। डॉ. गुलेरिया नारायणा हेल्थ के चेयरमैन डॉ. देवी शेट्टी और मेदांता के चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहन के साथ कोरोना पर चर्चा कर रहे थे।