1st Bihar Published by: Updated Apr 05, 2022, 7:25:02 AM
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PATNA : दक्षिण बिहार में पछुआ के प्रचंड प्रवाह से देह झुलसाने वाली गर्मी की स्थिति है और अधिकतर जिलों में लू जैसी परिस्थितियां हैं। तीखी धूप से आम जनजीवन प्रभावित होने लगा। दोपहर कड़ी धूप और गर्म हवा के थपेड़ों ने परेशान कर दिया। पिछले 24 घंटों में राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाएं सूरज की प्रचंड किरणों से ताप पाकर और प्रबल हो गई। सोमवार को राज्य के सात जिले हीट वेव की चपेट में आ गये हैं।
सोमवार को जिन जिलों के लिये अलर्ट जारी किया गया है, उनमें पटना, गया, शेखपुरा, जमुई, बक्सर, बांका और नवादा है। यहां सोमवार को हीट वेव की स्थिति रही और दिन भर पछुआ के थपेड़े लोगों की परेशान करते रहे। पटना में दोपहर में सड़कों पर आम दिनों की अपेक्षा काफी कम लोग दिखे। ग्रामीण इलाकों में दिन में तेज पछुआ हवाओं. का कहर रहा।
वहीं राज्य भर में बक्सर सबसे गर्म रहा जहां 43.2 डिग्री दर्ज किया गया। बक्सर में अप्रैल महीने में गर्मी का सार्वकालिक रिकॉर्ड टूट गया है। अप्रैल के पहले पखवारे में अधिकतम तापमान इस स्तर पर नहीं पहुंचा था। प्रचंड गर्मी की इस स्थिति से राज्य भर का आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। गया और पटना में इस साल की सबसे अधिक गर्मी रही। दक्षिण बिहार में मंगलवार को को भी मौसम के इसी तरह बने रहने के आसार हैं।
पटना में गर्मी ने अप्रैल महीने में अधिकतम तापमान का तीन साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले अप्रैल महीने में पटना का पारा 2019 में 28 अप्रैल को 42.6 डिग्री पर पहुंच गया था। बीते तीन सालों में पटना का पारा अधिकतम पारा 38 डिग्री के आसपास रहा था। अप्रैल के पहले पखवारे की बात करें तो पहली बार है जब यह इस स्तर तक पहुंचा है। हालांकि अप्रैल में पटना में सर्वाधिक अधिकतम पारे का रिकॉर्ड 44.6 डिग्री का है। 29 अप्रैल 1980 को पारा सर्वोच्च शिखर पर पहुंचा था।
प्रचंड गर्मी से बचने के लिये घरों में एसी और कूलर चलता रहा। शीतल पेय की दुकानों पर भीड़ देखी गई। मौसम वैज्ञानिक ने लोगों से अपील की है कि घर से बाहर धूप में निकलते समय गमछा व सूती कपड़े का इस्तेमाल करें। समय-समय पर पानी पीते रहे। बाहर जाते समय पानी का बोतल साथ में जरूर रखें।