पटना में बैंककर्मी की मौत के बाद हॉस्पिटल ने थमाया 26 लाख का बिल, परिजनों ने लगाया जबरन वसूली और लाश रोकने का आरोप

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 16, 2023, 1:24:06 PM

पटना में बैंककर्मी की मौत के बाद हॉस्पिटल ने थमाया 26 लाख का बिल, परिजनों ने लगाया जबरन वसूली और लाश रोकने का आरोप

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PATNA: पटना में एक हॉस्पिटल की लापरवाही सामने आई है. पटना के कंकड़बाग स्थित जयप्रभा मेदांता हॉस्पिटल में एडमिट एक मरीज की मौत हो गयी. इसके बाद हॉस्पिटल ने परिजन को करीब 26 लाख रुपये का बिल थमा दिया. इससे परिजन आक्रोशित हो उठे. उन्होंने हॉस्पिटल पर इलाज में लापरवाही और अधिक बिल वसूलने का आरोप लगाते हुए देर तक हंगामा किया. परिजनों का कहना है कि बिल का भुगतान नहीं करने पर हॉस्पिटल प्रबंधक ने शव को कब्जे में रखने की बात कही. इस बात को लेकर जब परिजनों ने स्थानीय पुलिस को फोन किया, लेकिन हॉस्पिटल के नाम बताने के बाद पुलिस भी नहीं पहुंची.


जानकारी के अनुसार नवादा जिले के रहने वाले 31 साल विक्रम कुमार यूपी के सुल्तानपुर जिले में ग्रामीण बैंक में कैशियर थे. मृतक के चचेरे भाई महेश कुमार ने बताया कि पेट में दर्द होने के बाद उनको यहां लाया गया. जिसके बाद उन्हें इलाज के  लिए 13 जनवरी को मेदांता हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया. लेकिन एक महीने एडमिट होने के बाद भी बुधवार की सुबह मौत हो गई. और मौत के बाद 26 लाख का बिल थमा दिया गया और शव को कब्जे में रखा.


इस घटना को लेकर मेदांता हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ रविशंकर सिंह का कहना है कि परिजन जो भी आरोप लगा रहे हैं. वे पूरी तरह से गलत हैं. मरीज को गंभीर हालत में हॉस्पिटल लाया गया था. उन्होंने ने बताया कि परिजनों ने इंश्योरेंस के नाम पर झूठ बोलकर मरीज को एडमिट कराया था. परिजनों ने मरीज को एडमिट कराने से पहले 20 लाख रुपये इंश्योरेंस होने की बात कही गयी थी. लेकिन इस इंश्योरेंस से मात्र दो लाख रुपये निकला.