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पटना की सड़कों पर फैला 2100 टन कचरा, रोड पर चलना हुआ मुश्किल, हड़ताली कर्मियों ने मुख्यालय में मरे जानवरों को टांगा

1st Bihar Published by: Updated Aug 12, 2021, 7:10:58 AM

पटना की सड़कों पर फैला 2100 टन कचरा, रोड पर चलना हुआ मुश्किल, हड़ताली कर्मियों ने मुख्यालय में मरे जानवरों को टांगा

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PATNA : पटना नगर निगम के सफाई कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं. नगर निगम के चतुर्थवर्गीय कमचारियों के हड़ताल के कारण शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है. घरों से भी कचरा उठाने का काम ठप पड़ गया है. आलम ये है कि तीन दिन के हड़ताल में राजधानी पटना की सड़कों पर लगभग 21 टन कचरा जमा हो गया है. आधी सड़क पर कूड़ा-कचरा होने के कारण लोगों का चलना मुश्किल हो गया है. शहर की सब्जी मंडियों की हालत बेहद खराब हो गई है.


पिछले तीन दिनों से मौर्य लोक नगर निगम के चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के लिए आंदोलन का केंद्र बना हुआ है. सफाई न होने से इस व्यवसायिक परिसर का हाल भी बुरा हो गया है. पटना नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार शहर से प्रतिदिन 700 टन कचरे का उठाव होता है. तीन दिन से सफाई कार्य प्रभावित रहने से शहर में फैला लगभग 2100 टन कचरा लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है. हालात को देखते हुए पटना के नगर आयुक्त हिमांशु शर्मा ने हड़ताली कर्मचारियों को गुरुवार को काम पर वापस लौटने का निर्देश दिया है. निर्देश न मानने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी हिदायत दी गई है. 



बुधवार को सफाईकर्मियों ने शहर में कई जगह मरे हुए जानवरों को सड़क पर भी फेंक दिया. यहां तक कि निगम के मुख्यालय में भी इन्होंने मरे हुए जानवरों को लेकर टांग दिया. इससे लोगों का उधर से निकलना दूभर हो गया. तीन दिनों से डोर-टू-डोर वाहन द्वारा कचरा नहीं उठने से घरों में ही कचरा डंप होने लगा है. पटना के मंदिरी, कृष्णा घाट, काली घाट, अनीसाबाद, लाल मंदिर, बिस्कोमान मोड़, गांधी मैदान समेत कई इलाकों में जहां-तहां गंदगी फैल गई है. बारिश होने के कारण रोड पर कचरा फैलने लगा है. 


मांगे पूरी नहीं होने तक सफाईकर्मियों ने हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है. निगम के चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने हड़ताल पर जाने के विषय में अधिकारियों को पत्र लिख अग्रिम सूचना दे दी थी. लेकिन अधिकारियों ने संज्ञान नहीं लिया. 9 सूत्री मांगें पूरी नहीं होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा.