बिहार विधान परिषद में उठा पीएम आवास योजना का मामला: आरजेडी ने सरकार से पूछा- महिलाओं को 10-10 हजार देने के लिए है, गरीबों के लिए पैसे नहीं?

Bihar Assembly: बिहार विधान परिषद में राष्ट्रीय जनता दल ने लंबित प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर सरकार को घेरा। मंत्री श्रवण कुमार ने देरी स्वीकारते हुए कहा कि केंद्र से राशि मिल रही है और 60:40 अनुपात में आवास निर्माण की प्रक्रिया जारी है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mon, 16 Feb 2026 12:35:02 PM IST

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- फ़ोटो Bihar Vidhan Parishad TV

Bihar Assembly: बिहार विधान परिषद की कार्यवाही शुरू हो गई है। सदन में विभिन्न मुददों पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश में जुटा है। इसी बीच आरजेडी सदस्य सौरभ कुमार ने सदन में लंबित प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर सवाल उठाया और पूछा कि महिलाओं को 10-10 हजार देने के लिए है, गरीबों के के लिए पैसे नहीं हैं? इसपर मंत्री को सदन में जवाब देना पड़ा।


दरअसल, बिहार विधान परिषद में आरजेडी सदस्य सौरभ कुमार ने सरकार से पूछा कि सरकार ने चुनाव से पहले लगभर 12 लाख प्रधानमंत्री आवास देने की घोषणा की थी। हालांकि आज महज दो लाख 80 हजार आवास ही पूर्ण हो सके हैं। लगभग 9 लाख से अधिक आवास का पैसा लंबित पड़ा है। चुनाव में तो सरकार ने 12 लाख आवास को स्वीकृत कर दिया। फर्स्ट इंसटॉलमेंट के नाम पर कुछ पैसे भी लाभुकों को दिए गए।


उन्होंने कहा कि अभी हालत यह है कि 12 लाख गरीबों ने अपने घर की छत तोड़ ली और आज उनको घर बनाने के लिए पैसे नहीं मिल रहे हैं और जब सवाल पूछा तो कहा गया है कि केंद्र सरकार की तरफ से पैसा नहीं दिया जा रहा है। इसी बीच पता चला की ढाई लाख महिलाओं को 2500 करोड़ की राशि महिला रोजगार योजना के नाम पर दिए गए। क्या यह पैसा आवास योजना में दे दिया गया होता तो गरीबों की छत तो बन जाती। कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार पैसे नहीं दे रही है और जबतक नहीं देगी बिहार सरकार नहीं बनवाएगी।


इसपर बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि आरजेडी सदस्य को चिंता किसी और बात की है और दर्द कहीं और हो रहा है। भारत सरकार पैसा नहीं दे रही है यह हम कहां कह रहे हैं। विलंब हमारी तरफ से हुई है। भारत सरकार में मैं गया भी था और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री से मुलाकात भी की थी। मैंने केंद्रीय मंत्री से कहा भी कि हमें नोडल बनाने में थोड़ा समय लग रहा है। मांग किए जाने पर 91 करोड़ की राशि केंद्र सरकार की तरफ से मिली भी है।


मंत्री ने कहा कि इसके बावजूद फिर से हमने मांग की है कि 31 मार्च तक हमको इस मामले में रिलेक्स कर दीजिए और 31 मार्च तक और राशि स्वीकृत कर दिया जाए। फिर से हमको राशि मिल जाएगी। हम गरीबों के घर बनाने के लिए चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि आनन-फानन में कोई योजना नहीं बनती है, भारत सरकार ने हमको लक्ष्य दिया है और एक एक आवास के लिए जो केंद्र की तरफ से 60 प्रतिशत पैसा दिया जा रहा है, वह देगी और राज्य की तरफ से 40 प्रतिशत जो पैसा लगाना है उसका भी इंतजाम हो गया है। वित्त विभाग की तरफ से थोड़ा विलंब हो रहा है। गरीबों के घर बनाने के लिए भारत सरकार पैसा भी देगी और इस दिशा में बिहार सरकार काम भी करेगी।