1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 16 Feb 2026 12:07:56 PM IST
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Land for Job case : लैंड फॉर जॉब मामले में आज दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। इस दौरान राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव व्हीलचेयर पर अदालत पहुंचे। उनके साथ उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी तथा उनकी सांसद बेटी मीसा भारती भी मौजूद रहीं। इस मामले में अदालत की कार्यवाही को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज रही।
सुनवाई के दौरान अदालत ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी से पूछा कि क्या वे अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार करते हैं। इस पर दोनों नेताओं ने आरोपों को मानने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने अदालत के समक्ष कहा कि वे मुकदमे का पूरी तरह से सामना करेंगे और न्यायिक प्रक्रिया पर उन्हें पूरा भरोसा है। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान सभी पक्षों की दलीलें सुनीं और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रखी।
सुनवाई से पहले मीसा भारती ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि एक ही मामले को लेकर कई मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे परिवार और संबंधित लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अदालत से उन्हें न्याय मिलेगा और सच्चाई सामने आएगी।
गौरतलब है कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी रविवार शाम को ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे ताकि सोमवार को होने वाली सुनवाई में शामिल हो सकें। इस केस में अदालत पहले ही कई लोगों पर आरोप तय कर चुकी है। इनमें लालू परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हैं। अदालत ने इस मामले में लालू-राबड़ी के अलावा उनके बेटे तेज प्रताप यादव, बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और परिवार की अन्य सदस्य हेमा पर भी आरोप तय किए हैं।
लैंड फॉर जॉब मामला उस समय का बताया जाता है जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि रेलवे में नौकरी देने के बदले उम्मीदवारों से जमीन ली गई थी और बाद में वह जमीन कथित रूप से लालू परिवार से जुड़े लोगों के नाम कर दी गई। हालांकि लालू परिवार इन आरोपों को लगातार राजनीतिक साजिश बताते रहा है और खुद को निर्दोष बताता रहा है।
इस मामले की सुनवाई को लेकर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर नजरें टिकी हुई हैं। विपक्षी दल जहां इस मामले को भ्रष्टाचार से जोड़कर सरकार और आरजेडी पर निशाना साधते रहे हैं, वहीं आरजेडी इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताती रही है। अब अदालत की आगामी सुनवाई और फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
फिलहाल अदालत में आरोप तय होने के बाद मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ेगी और आने वाले दिनों में गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की दिशा तय होगी। लालू परिवार की ओर से अदालत में मजबूती से अपना पक्ष रखने की तैयारी की जा रही है, जबकि जांच एजेंसियां भी अपने सबूतों को प्रस्तुत करने में जुटी हुई हैं।