1st Bihar Published by: Updated Fri, 06 Aug 2021 08:26:18 AM IST
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PATNA : पटना जिला परिषद अध्यक्ष और अब पटना जिला परिषद परामर्शी समिति की अध्यक्ष अंजू कुमारी की मनमानी से नीतीश सरकार भी परेशान है। अध्यक्ष अंजू कुमारी ने सरकार के नाक में दम कर रखा हुआ है। नतीजा यह है कि पटना जिला परिषद से जुड़ी सरकार की योजनाएं आगे नहीं पढ़ पा रही हैं और अब पंचायती राज विभाग ने जिला परिषद परामर्श समिति अध्यक्ष अंजू कुमारी को शो कॉज नोटिस जारी किया है। विभाग ने पूछा है कि आखिर क्यों नहीं उनको पद से हटा दिया जाए?
दरअसल पटना जिला परिषद अध्यक्ष अंजू कुमारी ने विकास योजनाओं को अपने क्षेत्र में तरजीह नहीं दी है। उन पर आरोप है कि बार-बार सरकार की तरफ से योजनाओं के चयन के लिए बैठक बुलाने का निर्देश दिया गया लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। अब पंचायती राज विभाग ने अध्यक्ष अंजू कुमारी को नोटिस जारी करते हुए 16 अगस्त तक जवाब देने को कहा है। विभाग ने कहा है कि अगर आपका कोई जवाब नहीं आता है तो ऐसी स्थिति में यह समझा जायेगा कि आप इस संबंध में कुछ नहीं करना चाहती। इसके बाद विभाग आगे की कार्रवाई करेगा। विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने यह पत्र जिला परिषद अध्यक्ष अंजू कुमारी को भेजा है।
जिला परिषद अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के मुताबिक योजनाओं के चयन के लिए बैठक नहीं करने और महत्वपूर्ण फाइलों का निपटारा नहीं होने से जिला परिषद में सरकारी योजनाएं प्रभावित हुई हैं। बैठक आयोजित करने के लिए पहले भी आग्रह किया गया था पर इसको लेकर आपकी तरफ से कोई पहल नहीं की गई और ना ही कोई निर्देश दिया गया। ऐसे में आपको क्यों नहीं पद से हटा दिया जाए?
जिला परिषद अध्यक्ष के रवैये से अन्य सदस्य और सरकार नाराज है। अंजू कुमारी पर आरोप है कि वह जिला परिषद को सियासी अखाड़ा बना चुकी है। अधिकारियों से उनकी नहीं बनती। कई अधिकारियों का तबादला हो चुका है लेकिन जो भी अधिकारी जिला परिषद में आते हैं अंजू कुमारी से उनकी ठन जाती है। कई महत्वपूर्ण फाइलों का निपटारा भी उन्होंने नहीं किया है। जिला पंचायत राज संसाधन केंद्र भवन के निर्माण से जुड़ी फाइल अभी तक अटकी पड़ी है। जिला परिषद की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए तकनीकी सहायक की प्रतिनियुक्ति से संबंधित फाइल साथ ही साथ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज 3 के डीपीआर से जुड़ी फाइल भी अब तक उनके कार्यालय में पड़ी हुई है। विकास योजनाओं को लेकर मौजूदा अध्यक्ष का रवैया ऐसा है कि साल 2020-21 की योजनाओं और साथ ही साथ 2021-22 की कार्य योजना की स्वीकृति भी अब तक नहीं हो पाई है। अब सरकार ने इसे लेकर सख्त रवैया अपनाते हुए शो कॉज नोटिस जारी किया है।