1st Bihar Published by: Updated Jun 13, 2022, 8:33:11 AM
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PATNA : पटना एम्स के डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से एक महिला मरीज की जान पर आफत बन आई। महिला मरीज को जब इस बात की जानकारी मिली कि उसकी सर्जरी के दौरान पेट में डॉक्टरों ने रुई छोड़ दी है तो वह शिकायत दर्ज कराने एम्स पहुंची थी। इस मामले में डॉक्टरों के ऊपर तो कोई एक्शन नहीं लिया गया, उल्टे पीड़िता पूजा के ऊपर ही एफआईआर दर्ज करा दी गई है। पीड़िता पूजा भी सरकारी अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर है। एम्स पटना में सर्जरी के दौरान पेट में रुई छोड़ने के मामले में पुलिस ने पीड़ित मेडिकल ऑफिसर डॉ. पूजा और उसके परिजनों पर एफआईआर दर्ज किया है। फुलवारीशरीफ थाने की पुलिस ने 48 घंटे बाद एम्स गायनी की हेड और सर्जन डॉ. हिमाली की तरफ से थाने में दिये गये आवेदन पर एफआईआर दर्ज किया है।
पीड़िता पूजा और उनके परिजनों के खिलाफ में आईपीसी की धारा 341, 323, 504, 34 के तहत केस दर्ज किया गया है। लेकिन हैरत की बात यह है की पूजा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पुलिस ने उनके आवेदन तथा जमा किए गए सारे कागजात सिविल सर्जन पटना और एम्स निदेशक को फॉरवर्ड कर दिया है। उनसे मेडिकल नेग्लिजेंस पर मेडिकल बोर्ड गठित कर जांच कराने का अनुरोध किया गया है। प्रभारी अधीक्षक डॉ. लोकेश तिवारी ने बताया कि आवेदन मिलने पर मेडिकल बोर्ड गठित की जाएगी।
वहीं एम्स में लापरवाही की शिकार हुई महिला डॉक्टर पूजा की रविवार को फिर सर्जरी की गई। एक प्राइवेट क्लिनिक में पूजा का ऑपरेशन किया गया। ढाई घंटे से अधिक चले ऑपरेशन में उनके पेट से कॉटन निकाल दिया गया है। ऑपरेशन के बाद डॉ. पूजा की हालत स्थिर है। उसके परिवार के मुताबिक अल्ट्रासाउंड में जितना बड़ा कॉटन दिख रहा था, उससे भी बड़ा कॉटन निकला है।