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नीतीश करवाना चाहते हैं 'HAM' को ख़त्म, बोले जीतनराम मांझी - कई बार हुई कोशिश, इस वजह से नहीं बनी बात; लोकसभा से पहले ले सकते हैं बड़ा निर्णय

PATNA : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। वह किसी भी सवालों का जवाब इसी अंदाज में देते हैं। इसी कड़ी में जब उनसे यह सवाल किया गय

नीतीश करवाना चाहते हैं 'HAM' को ख़त्म, बोले जीतनराम मांझी  - कई बार हुई कोशिश, इस वजह से नहीं बनी बात; लोकसभा से पहले ले सकते हैं बड़ा निर्णय
Tejpratap
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PATNA : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। वह किसी भी सवालों का जवाब इसी अंदाज में देते हैं। इसी कड़ी में जब उनसे यह सवाल किया गया क्या आप की पार्टी का विलय करवाने की कोशिश की जा रही है तो उन्होंने इसका भी बेबाक अंदाज में जवाब दिया है। इसके साथ ही गृहमंत्री से मुलाकात और तमाम तरह की कई बातें पर मांझी ने अपने अंदाज में जवाब दिया है।


दरअसल, जीतन राम मांझी से जब एक दैनिक अखबार के इंटरव्यू में सवाल किया गया कि - क्या नीतीश कुमार चाहते हैं कि आपके पार्टी का विलय जेडीयू में हो जाए ? तो इसके जवाब में मांझी ने कहा कि - बिल्कुल यह बात सही है कि वह चाहते हैं कि मेरी पार्टी का विलय हो जाए। लेकिन मैंने स्पष्ट रूप में कह दिया कि मैं अपनी पार्टी का किसी भी ग्रुप में मिले नहीं होने दूंगा। हम इंडिपेंडेंट पार्टी के रूप में पहचान रखते हैं। जैसे बसपा और लोजपा है। हमारी पार्टी का सिंबल महादलित और गरीबों की पार्टी है इसलिए इसे मर्ज नहीं किया जा सकता है।


इसके बाद जब मांझी ने यह सवाल किया गया कि नीतीश कुमार ने तो आपको  सीएम बनवाया। इसके बाद उन्होंने ही आपको हटवाया। तब वे क्या चाहते थे कि आप उनकी खड़ाऊं रखकर शासन करें? इसके जवाब में मांझी ने कहा कि-  ये बात सही है कि उन्होंने मुझे सीएम बनाया, लेकिन काम करने का फ्री हैंड देना चाहिए था। जब मैं स्वतंत्र निर्णय लेने लगा तो उन्हें तकलीफ हुई। मुझे गलत तरीके से हटाया गया। शरद यादव की उसमें बड़ी भूमिका थी।


इसके अलावा जब उनसे यह सवाल किया गया कि पिछले दिनों आप गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात किए हैं और वर्तमान में नीतीश कुमार के साथ हैं ऐसे में आने वाले दिनों में आप किसे चुनेंगे ? इसके जवाब में मांझी ने कहा कि -नीतीश कुमार 18 वर्षों से बिहार के मुख्यमंत्री हैं। इनके ऊपर आज तक कोई भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा है। नरेंद्र मोदी का विज्ञापन खूब आता है वह भी अपना काम कर रहे हैं। राजनीति में किसी के साथ रहने का कोई कसम नहीं होता है और नीतीश कुमार का साथ छोड़ने की फिलहाल कोई वजह भी नहीं है।


वहीं जब उनसे नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट शराबबंदी कानून को लेकर उनकी राय मांगी गई तो मांझी ने बड़ा बयान दिया। मांझी ने कहा कि- हम भी मानते हैं कि शराब पीने की लिमिट है। अगर लिमिट में गरीब पीता है तो फायदा होता है। बड़े-बड़े ठेकेदार, एमएलए, अफसर, एमएलए, मिनिस्टर शराब पीते हैं। वे समय सीमा के अंदर शराब पीते हैं, लेकिन सामाजिक परिप्रेक्ष्य में उन्हें कोई नहीं कह पाता कि वे शराब पीते हैं। 


इधर, उनके राज्य के फ्यूचर सीएम को लेकर सवाल किया गया तो मांझी ने दो टूक अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि - शहर दिखावे कोतवाल। चिराग, संतोष या तेजस्वी कोई भी सीएम हो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। बस पर डिपेंड करता है तो वह काम कैसा करेगा। संतोष आज प्रोफेसर है उसके पास शब्दों का भंडार है। उसके अंदर किसी तरह का कोई हेगीतेहसन नहीं है। लेकिन वर्तमान में जो गठबंधन है उसमें कुछ भी कहना उचित नहीं होगा कि किसी मुख्यमंत्री बनाया जाएगा।