ब्रेकिंग
बिहार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव की तबीयत बिगड़ी, मेदांता में मिलने पहुंचे नीतीश कुमारभरत तिवारी एनकाउंटर के आरोपी DSP की पोस्टिंग पर मंत्री मदन सहनी नाराज, कहा..ये जख्मों को कुरेदने जैसाबांकीपुर उपचुनाव में उतरेंगे प्रशांत किशोर! 5 जुलाई को हो सकती है औपचारिक घोषणाडबल मर्डर केस में मां और उसके प्रेमी को फांसी की सजा, कोर्ट ने माना रेयर ऑफ द रेयरेस्ट मामलाBihar Top 10 News: वीरान हुआ लालू-राबड़ी आवास, बांकीपुर सीट पर चुनाव का ऐलान औऱ भरत तिवारी एनकाउंटर में उठा बड़ा सवालबिहार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव की तबीयत बिगड़ी, मेदांता में मिलने पहुंचे नीतीश कुमारभरत तिवारी एनकाउंटर के आरोपी DSP की पोस्टिंग पर मंत्री मदन सहनी नाराज, कहा..ये जख्मों को कुरेदने जैसाबांकीपुर उपचुनाव में उतरेंगे प्रशांत किशोर! 5 जुलाई को हो सकती है औपचारिक घोषणाडबल मर्डर केस में मां और उसके प्रेमी को फांसी की सजा, कोर्ट ने माना रेयर ऑफ द रेयरेस्ट मामलाBihar Top 10 News: वीरान हुआ लालू-राबड़ी आवास, बांकीपुर सीट पर चुनाव का ऐलान औऱ भरत तिवारी एनकाउंटर में उठा बड़ा सवाल

निर्भया के गुनहगारों को किया गया फांसी कोठी वाले जेल नंबर-3 में शिफ्ट, चारों की हर एक एक्टिविटी पर रखी जा रही नजर

DESK : निर्भया के चारों गुनहगारों को गुरुवार को तिहाड़ के जेल नंबर 3 में शिफ्ट कर दिया है. चारों गुनहगारों को जेल नंबर 3 के अति सुरक्षित सेल में अलग-अलग रखा गया है और सुरक्षाब

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

DESK : निर्भया के चारों गुनहगारों को गुरुवार को तिहाड़ के जेल नंबर 3 में शिफ्ट कर दिया है. चारों गुनहगारों को जेल नंबर 3 के अति सुरक्षित सेल में अलग-अलग रखा गया है और सुरक्षाबल लगातार चारों की निगरानी कर रहे हैं. उनकी हर एक एक्टिविटी पर नजर रखी जा रही है.

बता दें कि तिहाड़ के जेल नंबर तीन में ही फांसी कोठी है. और डेथ वारंट जारी होने के बाद तिहाड़ में रहने वाले कैदी को जेल नंबर 3 में शिफ्ट कर दिया जाता है.  इस से पहले अक्षय, मुकेश और पवन तिहाड़ के जेल नंबर 2 में बंद थे और विनय को जेल नंबर 4 में रखा गया था. जिसके बाद गुरुवार को सभी को गुनहगारों को फांसी कोठी वाले जेल नंबर 3 में शिफ्ट कर दिया गया. 

बता दें कि गुरुवारो को ही निर्भया गैंगरेप कांड़ के दोषी मुकेश सिंह की याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने चारों दोषियों की फांसी पर स्टे लगा दिया. कोर्ट के इस फैसले का साफ मतलब है कि 22 जनवरी को उन्हें फांसी के फंदे पर नहीं लटकाया जाएगा. वहीं आज जेल नियमों के मुताबिक कोर्ट और राज्य सरकार को जेल अधिकारियों को यह सूचित करना होगा कि दया याचिका दायर की गई है और फांसी की सजा को स्थगित करना है. जेल अधिकारियों को रिपोर्ट दाखिल करनी होगी कि जब तक राष्ट्रपति द्वारा निर्णय नहीं दे दिया जाता, तब तक कैदियों को फांसी नहीं दी जाएगी. यह रिपोर्ट शुक्रवार को अदालत के समक्ष दायर की जाएगी.