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24-Jul-2022 12:07 PM
MADHEPURA: बिहार में जेल के कैदियों के साथ जो बर्ताव किया जा रहा है, वैसा शायद किसी जानवर के साथ भी नहीं किया जाता होगा। इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि मधेपुरा की जेल में एक महीने में दो कैदियों की जान जा चुकी है। इतना ही नहीं, यहां 50 से भी ज्यादा कैदी बीमार हैं। अधिकारियों ने तो साफ़ तौर पर ये कह दिया है कि जेल में जगह की कमी है। यानी क्षमता से ज्यादा कैदियों को जेल में लाया जा रहा है, जो इनके लिए परेशानी बन गई है। हालांकि अभी ये बात भी सामने आ रही है कि इनमें कुछ कैदियों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। गौरतलब है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम ने हाल ही में बिहार की जेलों का दौरा किया था और यहां की स्थिति को चिंताजनक बताया था।
किसी को वायरल फीवर तो कोई चरम रोग से परेशान
राज्य में पड़ रही तीखी गर्मी के कारण जहां आम लोग परेशान हैं तो ज़रा इन कैदियों के बारे में गौर करिये। मधेपुरा जेल की स्थिति बदतर हो गई है। हैरान करने वाली बात ये है कि जेल में अभी 180 की जगह 814 कैदियों को रखा गया है। जेल में एक की जगह चार कैदी रह रहे हैं। आलम यह है कि इन कैदियों के बीच तरह-तरह की बीमारी फैलने लगी है। किसी को वायरल फीवर है तो किसी को चर्म रोग की शिकायत है। छह कैदी तो मानसिक बीमारी से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद इन कैदियों को एक जगह रखा जा रहा है। बता दें, 17 जुलाई को एक कैदी को वायरल फीवर हुआ था, जिसकी मौत मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान हो गई थी। अगले ही दिन एक और कैदी, जो मृतक कैदी का भाई है, उसे भी इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया। मृतक के बेटे ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे। उसने कहा था कि जेल में उचित इलाज न मिलने के कारण पिता की मौत हो गई।
नई जेल बनाने की तैयारी
आपको बता दें कि इस जेल में एक महीने के अंदर दो कैदियों की मौत हो गई। इसके बाद प्रमंडलीय आयुक्त गोरखनाथ ने मामले को गंभीरता से लिया और वे जेल का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने पाया कि यहां 50 से ज्यादा कैदी बीमार हैं। उन्होंने कहा कि नई जेल बनाए जाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है।उम्मीद है कि 6 महीने में काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि 200 कैदियों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए।