ब्रेकिंग
बहुजन महापंचायत पर जीतन राम मांझी का यू-टर्न, 5 जुलाई का कार्यक्रम स्थगित करने की अपीलPM मोदी का मुखौटा पहनकर मोबाइल शॉप में चोरी, 5 लाख के स्मार्टफोन लेकर फरार हुआ शातिरBihar Education News: शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल, 13 जिलों में नए DEO की पोस्टिंग, RDDE भी बदले गए, लिस्ट देखें....बिहार में PPP मॉडल पर बनेंगे 31 विश्वस्तरीय बस स्टैंड, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं और होटल-मॉल भी होंगेमुजफ्फरपुर में कार के अंदर हथियार लहराने का वीडियो वायरल, SSP ने दिए जांच के आदेश, सोना बेचकर लोहा खरीदने की बात कर रहा शख्सबहुजन महापंचायत पर जीतन राम मांझी का यू-टर्न, 5 जुलाई का कार्यक्रम स्थगित करने की अपीलPM मोदी का मुखौटा पहनकर मोबाइल शॉप में चोरी, 5 लाख के स्मार्टफोन लेकर फरार हुआ शातिरBihar Education News: शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल, 13 जिलों में नए DEO की पोस्टिंग, RDDE भी बदले गए, लिस्ट देखें....बिहार में PPP मॉडल पर बनेंगे 31 विश्वस्तरीय बस स्टैंड, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं और होटल-मॉल भी होंगेमुजफ्फरपुर में कार के अंदर हथियार लहराने का वीडियो वायरल, SSP ने दिए जांच के आदेश, सोना बेचकर लोहा खरीदने की बात कर रहा शख्स

किसान दिल्ली जाएंगे या सिंघु बॉर्डर पर करेंगे आंदोलन, आज 8 बजे होगा फैसला

DESK : भारी हंगामे के बीच किसानों को दिल्ली के बुराड़ी में मौजूद निरंकारी ग्राउंड में प्रदर्शन की इजाजत दे दी गई है, लेकिन किसानों का एक गुट इस बात पर अड़ गया है कि सरकार का कोई हेड उनस

किसान दिल्ली जाएंगे या सिंघु बॉर्डर पर करेंगे आंदोलन, आज 8 बजे होगा फैसला
Anamika
2 मिनट

DESK  : भारी हंगामे के बीच किसानों को दिल्ली के बुराड़ी में मौजूद निरंकारी ग्राउंड  में प्रदर्शन की इजाजत दे दी गई है, लेकिन किसानों का एक गुट इस बात पर अड़ गया है कि सरकार का कोई हेड उनसे बॉर्डर पर आकर बात करे नहीं तो वे लोग सिंघु बॉर्डर पर ही आंदोलन करेंगे. 

इस बारे में भारतीय किसान यूनियन  के अध्यक्ष बूटा सिंह बर्जगिल ने मीडिया को बताया कि 'कई किसान नेता अब भी दिल्ली के रास्ते में हैं. हम आज बैठक करेंगे और आगे के कदमों के बारे में फैसला लेंगे.'

तो वहीं दूसरी तरफ क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल का कहना है कि हम बुराड़ी जाने के पक्ष में हैं क्योंकि हमने ‘दिल्ली चलो’ का आह्वान किया था. हमारे इस प्रदर्शन का लक्ष्य दिल्ली पहुंचना और केंद्र सरकार पर इन तीन कृषि कानूनों को लेकर दबाव बनाना है.जब तक सरकार जब तक हमारी मांगें नहीं मानती,  काले कानून वापस नहीं लेती, एमएसपी को लेकर चीजें साफ नहीं करती तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा.