किसान आंदोलन के समर्थन में संत बाबा राम सिंह ने दे दी जान, खुद को मार ली गोली

किसान आंदोलन के समर्थन में संत बाबा राम सिंह ने दे दी जान, खुद को मार ली गोली

DESK : नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन से जुड़ी इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है. किसान आंदोलन के समर्थन में संत बाबा राम सिंह ने खुदकुशी कर ली है. संत बाबा राम सिंह ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली है. करनाल के पास नानकसर गुरुद्वारा साहिब से ताल्लुक रखने वाले संत बाबा राम सिंह ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है. 


संत बाबा राम सिंह में दिल्ली-हरियाणा स्थित सिंघु बॉर्डर पर खुद को गोली मारी है. राम सिंह ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि किसानों का दुख देखा.. अपने हक लेने के लिए सड़कों पर रो रहे हैं. दिल बड़ा दुखी है.. सरकार न्याय नहीं दे रही. जुल्म है.. जुल्म करना पाप है.. जुल्म सहना भी पाप है. किसी ने किसानों के हक में और जुल्म के खिलाफ कुछ किया, किसी ने कुछ नहीं किया. कईयों ने सम्मान वापस किए..  पुरस्कार वापस करके रोष जताया. यह जुल्म के खिलाफ आवाज है और मजदूर किसान के हक में आवाज है.



बाबा जी के सेवादार गुरमीत सिंह ने भी घटना की पुष्टि की है. बताया जा रहा है कि बाबा जी के हरियाणा और पंजाब में ही नहीं, दुनियाभर में लाखों की संख्या में अनुयायी हैं. आपको बता दें कि इससे पहले, कुंडली बॉर्डर पर केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के आंदोलन में मंगलवार को एक किसान की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी. पंजाब के मोगा जिले के गांव भिंडर कलां के निवासी मक्खन खान (42) अपने साथी बलकार व अन्य के साथ तीन दिन पहले कुंडली बॉर्डर पर किसान आंदोलन में शामिल होने आए थे.