1st Bihar Published by: Updated Feb 07, 2020, 9:34:40 AM
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PATNA : जो मां-बाप अपने बच्चों को सींच कर बड़ा करते है और उन्हें हर काबिल बनाते हैं आजकल वहीं मां-बाप को बच्चे बेसहारा छोड़ दे रहे हैं. पटना सदर एसडीओ की अध्यक्षता में गठित माता-पिता एवं भरण पोषण ट्रिब्यूनल में हर साल ऐसे मामलों में बढ़ोतरी हो रही है.
गुरुवार को एक ऐसा ही मामला बिहार राज्य महिला आयोग पहुंचा. जहां एक 70 साल की बूढ़ी मां ने रोते हुए इंसाफ की गुहार लगायी. मां गीता देवी ने बताया कि उनके पति की मृत्यु हो गई है. उनके पटना में नौ फ्लैट हैं, जिसमें से दो उनके नाम पर है बाकि पति के नाम पर थी. उनके दो बेटे और एक बेटी हैं. बेटी की शादी हो गई है.
बड़ा बेटा चार साल से अलग रहता है और फ्लैट का किराया खुद लेता है. छोटा बेटा भी साथ नहीं रहता. 9 फ्लैट की मालकिन होने के बाद भी कोई खाने को नहीं देता. टिफिन सेवा से खाना खातीं हैं. पर अब इसके लिए भी पैसे नहीं हैं. किरायदारों के पास पैसे लेने जाती हैं, तो बेटा उन्हें घर से निकालने की धमकी देता है.
गुरुवार को वे रोते हुए महिला आयोग पहुंची. उन्होंने कहा कि अभी वे मैनपुरा स्थित घर में किसी तरह रहकर अपना गुजर-बसर कर रही हैं. लेकिन बेटे को चैन नहीं है. हर समय दोनों बेटे घर से बाहर करने की धमकी देते हैं. जिसके बाद महिला आयोग की तरफ से अब उनके बेटों को समन भेज कर आवेदिका को इंसाफ दिलाने की बात की है.