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वोटिंग से पहले नीतीश सरकार ने महिलाओं को भेजे 10-10 हजार, बिहार चुनाव रद्द कराने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची प्रशांत किशोर की पार्टी

Bihar Politics: प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि नीतीश सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का दुरुपयोग कर चुनावी लाभ लिया, जिससे निष्पक्ष चुनाव प्रभावित हुआ।

Bihar Politics
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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Politics: पिछले साल 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में एक भी सीट न जीत पाने वाली प्रशांत किशोर की अगुवाई वाली जन सुराज पार्टी अब सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि नीतीश कुमार सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का दुरुपयोग कर चुनावी लाभ लेने की कोशिश की, जिससे निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हुई।


जन सुराज की याचिका में कहा गया है कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद सरकार ने न केवल 25-35 लाख महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर किए, बल्कि नए लाभार्थियों को भी योजना में शामिल किया, जो गैरकानूनी है।


जन सुराज ने 2025 के विधानसभा चुनाव में 243 सीटों में से 242 पर चुनाव लड़ा था, लेकिन एक भी सीट जीतने में नाकाम रही थी। चुनाव से पहले प्रशांत किशोर ने तो बड़े बड़े दावे और वादे किए थे लेकिन बिहार की जनता का आशीर्वाद हासिल नहीं हो सका था।


इस याचिका में चुनाव आयोग  और बिहार सरकार दोनों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्य कांत ने इस याचिका को अपनी पीठ के समक्ष शुक्रवार, 6 फरवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता