कई साल बाद पटना की सुरक्षा दीवार को पार गयी गंगा, राजधानी के सभी नालों के गेट बंद किये गए

कई साल बाद पटना की सुरक्षा दीवार को पार गयी गंगा, राजधानी के सभी नालों के गेट बंद किये गए

PATNA : राजधानी पटना में कई सालों के बाद बाढ़ का संकट इतना ज्यादा करीब नजर आ रहा है. गंगा नदी के किनारे बनी पटना की सुरक्षा दीवार को गंगा पार कर गई है. गंगा के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में 17 सेंटीमीटर का इजाफा हुआ है और अब नदी खतरे के निशान से 116 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. यही वजह है कि पटना की सुरक्षा दीवार को बाढ़ का पानी पार कर गया है. पटना के सभी गंगा घाटों को अब पूरी तरीके से बंद करना पड़ा है.


पटना के दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर 51.02 मीटर से ऊपर है. यहां खतरे का रिचार्ज 50.45 मीटर है. गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 49.76 मीटर है जबकि यह खतरे का निशान 48.60 मीटर है. इसी तरह हाथीदह में गंगा का जलस्तर 42.85 मीटर है. यह खतरे का निशान 41.46 मीटर है. गंगा के बढ़ते जलस्तर और राजधानी पटना पर मंडराते बाढ़ संकट को देखते हुए जल संसाधन विभाग अलर्ट मोड में आ गया है. जल संसाधन मंत्री संजय झा ने कहा है कि विभाग के सभी अधिकारियों और इंजीनियरों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है.


गंगा के बढ़े हुए जलस्तर के कारण पटना से गंगा में मिलने वाले सभी नालों के गेट बंद कर दिए गए हैं. इन नालों के जरिए पटना में पानी प्रवेश करने का खतरा बढ़ा हुआ है. पटना के एलसीटी घाट, कुर्जी घाट समेत दीघा के कई इलाकों में पानी का फैलाव देखने को मिला है. पटना के डीएम डॉक्टर चंद्रशेखर सिंह ने के मुताबिक के गंगा के जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है. जिला प्रशासन किसी भी आपात स्थिति के लिए पूरी तरह से तैयार है मंगलवार को गंगा में 9.14 लाख क्यूसेक के पानी का प्रवाह रिकॉर्ड किया गया है.