झारखंड से रजिस्टर्ड वाहनों पर होगी कार्रवाई, नियमों का उल्लंघन करने वालों को नहीं बख्शेगा विभाग

झारखंड से रजिस्टर्ड वाहनों पर होगी कार्रवाई, नियमों का उल्लंघन करने वालों को नहीं बख्शेगा विभाग

PATNA : गुरुवार को विभिन्न डीटीओ कार्यालय के औचक निरीक्षण और योजनाओं की समीक्षा के लिए विभाग स्तर पर पांच टीमें बनाई गई और परिवहन सचिव के निर्देश पर विभागीय पदाधिकारियों ने जिला परिवहन कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया. योजनाओं की समीक्षा के दौरान परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने कई निर्देश दिए. 


परिवहन सचिव ने वाहनों के रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस एवं अन्य सुविधाओं/योजनाओं के लंबित होने पर संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी को चिन्हित कर उन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए. इसके साथ ही लक्ष्य के अनुरुप कार्य नहीं करने वाले पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी. परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारी, एमवीआई, ईएसआई को इस संबंध में निर्देश दिया है.


परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने नालंदा जिला परिभ्रमण में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य संबंधित पदाधिकारियों के साथ परिवहन के विभिन्न योजनाओं एवं अन्य योजनाओं की समीक्षा की. उन्होंने निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के लाभुकों के बीच अनुदान की राशि का वितरण कैंप लगा कर कराएं. लाभुकों को अनुदान देने में विलंब न करें. परिवहन सचिव ने कहा कि शिकायत मिल रही है कि झारखंड से रजिस्टर्ड गाड़ियों का परिचालन नियमों का उल्लंघन कर बिहार में किया जा रहा है. झारखंड से रजिस्टर्ड करा कर स्थायी रुप से बिहार में वाहनों के परिचालन करने वाले वाहन मालिकों एव डीलर पर कार्रवाई करें. अभियान चला कर ऐसे वाहनों का बिहार के नंबर के लिए रजिस्ट्रेशन करवाएं. 


नालंदा जिले में योजनाओं की समीक्षा के बाद परिवहन सचिव ने  कई योजनाओं का स्थल निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने सड़क सुरक्षा के भागन बिगहा जंक्शन के एन.एच और एस.एच दोनों पर आई.आर.सी. मानकों के अनुरूप स्पीड ब्रेकर बनाने का निर्देश दिया. परिवहन विभाग, मुख्यालय के पदाधिकारियों द्वारा वैशाली, पटना, भोजपुर, मुजफ्फरपुर और जहानाबाद जिला परिवहन कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर कैशबुक मेंटेनेंस, आरसी/डीएल डिस्पैच, परिमट, प्रदूषण जांच केंद्र, फिटनेस, स्कूल बस परमिट, मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना, फैंसी नंबर, ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल आदि योजनाओं की समीक्षा की गई.