Jehanabad News: वर्षों से बिछड़े प्रेमी जोड़े ने की मंदिर में शादी, 2-2 बच्चों के माता-पिता हैं दोनों, बिहार की अजीबोगरीब LOVE STORY

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 15, 2024, 3:50:40 PM

Jehanabad News: वर्षों से बिछड़े प्रेमी जोड़े ने की मंदिर में शादी, 2-2 बच्चों के माता-पिता हैं दोनों, बिहार की अजीबोगरीब LOVE STORY

- फ़ोटो

JEHANABAD: कहते हैं की जोड़ियां ऊपर वाले बनाते हैं, हमे हमारे हम सफर से वही मिलाते हैं। हम बात कर रहे हैं एक ऐसे प्रेमी जोड़े की जो वर्षों पहले किसी कारणवश पिछड़ गये थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। मामला जहानाबाद का है जहां एक शख्स ने बचपन के प्यार के साथ मंदिर में शादी रचा ली। दोनों एक दूसरे से बेइंतहा प्यार करते थे। लेकिन यह रिश्ता दोनों के घरवालों को मंजूर नहीं था। 


लड़के के परिजनों ने दूसरी लड़की से शादी करवा दी और लड़की के परिवार वालों ने भी दूसरे लड़के से शादी रचा दी। प्रेमी-प्रेमिका परिवार वालों के जिद्द के आगे झूक गये और अपनी अलग दुनियां बसा लिये। युवक दो बच्चों का बाप है तो वही युवती भी दो बच्चों की मां है। दोनों अपने-अपने जीवनसाथी के साथ जिन्दगी गुजार रहे थे लेकिन तभी अचानक दोनों के जिन्दगी में ऐसा मोड़ आया कि परिवार में गम का माहौल हो गया। दोनों की किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। 


प्रेमी विजय साव की पत्नी की अचानक मौत हो गयी तो वही सड़क हादसे में प्रेमिका चंचला कुमारी के पति की भी जान चली गयी। प्रेमी विजय साव विधुर हो गये तो वही चंचला विधवा हो गयी। एक बार फिर से दोनों अकेले हो गए। इस बात की जानकारी जब दोनों को हुई तो विजय और चंचला ने एक दूसरे से बातचीत की। जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत होते-होते शादी तक पहुंच गई। 


दो बच्चों की मां और दो बच्चों के पिता ने शादी करने का फैसला लिया। फिर दोनों जहानाबाद के गौरक्षणी मंदिर में जाकर शादी रचा ली। एक दूसरे से बिछड़े प्रेमी युगलों की शादी इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि शायद भगवान की यही मर्जी थी। दोनों पास आकर अलग हुए और अब अलग होकर फिर पास आ गये हैं। इस तरह कई वर्षों से बिछड़े प्रेमी-प्रेमिका की शादी आखिरकार हो गयी।  शादी कराई गई। जानकारी के मुताबिक, इन दोनों का एक समय पर प्रेम प्रसंग था लेकिन कई कारणों के चलते दोनों अलग हो गए। दोनों की ही दूसरी जगह शादी हो गई थी, लेकिन शायद किस्मत को उनका यूं अलग होगा मंजूर नहीं था।