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'जंगलराज' से भी बुरा है 'नीतीशराज' बोले चिराग पासवान .....बिहार में हर समस्या का समाधान लाठी - गोली,खत्म हो गई कानून की सारी धराएं

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 30, 2023, 12:46:29 PM

'जंगलराज' से भी बुरा है 'नीतीशराज' बोले चिराग पासवान .....बिहार में हर समस्या का समाधान लाठी - गोली,खत्म हो गई कानून की सारी धराएं

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PATNA : बिहार में अब सिर्फ लाठी और गोली की सरकार रह गई है। नीतीश कुमार के पास अब हर समस्या का एकमात्र समाधान लाठी और गोली चलाना रह गया है। बिहार में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति है जो लाठी नहीं खाया हो। यहां सरकार के खिलाफ आवाज उठाने का मतलब लाठी खाना है। बिहार में अब जंगलराज की जगह अब नीतीशराज बोला जाना चाहिए। यहां तो कानून की किताबें जला देनी चाहिए। आईपीसी की सारी धराएं खत्म कर देनी चाहिए। यह बातें लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कही है।


चिराग पासवान ने कहा कि - हमारी पार्टी शुरू से ही गरीबों के हक में आवाज उठाती रही है। हम लोगों ने हमेशा सरकार को बिजली की समस्या के बारे में अवगत कराया है। बिहार में कोई अपने अधिकार के लिए आवाज उठाता है तो फिर गोली और लाठी चलाया जाता है। जबकि लाठी चलाने के लिए भी कानून बना हुआ है। शरीर कौन से हिस्से पर लाठी चलेगी यह भी साफ तौर पर लिखा हुआ है । लेकिन बिहार में लाठी तो छोड़ दीजिए सीधा गोली चलाया जाता है। मंत्रियों का शर्मनाक बनाता है। लोगों में आक्रोश है तो फिर वह कहीं ना कहीं अपनी बातों को तो रखेंगे ही न। अपराधियों को पकड़ने में इनके हाथ कापते हैं और आम लोगों और आम लोगों पर सीधा गोली चलाते हैं।


इसके आलावा उन्होंने कहा कि, कटिहार में प्रशासन के लोगों ने किसानों की हत्या की है और सरकार हाथ पर हाथ धरे हुए हैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षी दलों की बैठक में व्यस्त हैं। लेकिन किसानों से मिलने का उनके पास समय नहीं है। नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री के साथ-साथ गृहमंत्री भी है इसलिए जाकर घटनास्थल पर जाकर खुद लिखनी चाहिए, लेकिन उनको इससे कोई मतलब ही नहीं है। 


इधर, दिल्ली में बिहार गवर्नर के तरफ से आयोजित डिनर पार्टी में जेडीयू और राजद के सांसद के नहीं शामिल होने को लेकर चिराग पासवान ने कहा कि- यह काफी गंभीर मसला है। गवर्नर ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता को लेकर बैठक बुलाई थी। लेकिन जेडीयू और आरजेडी के लोगों ने इससे कोई मतलब नहीं है। बिहार के हितों में इनका कोई ध्यान नहीं है।