ब्रेकिंग
कमर में पिस्टल किसने रखी?' वायरल वीडियो पर डीएसपी ने दी सफाई, कहा..बदमाशों ने पुलिस पर तानी थी बंदूक4 साल की सजा के बाद BJP विधायक राजू कुमार सिंह का भावुक पोस्ट, साहेबगंज की जनता से बोले- धैर्य रखें, कानून पर भरोसा बनाए रखेंमुजफ्फरपुर में तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने स्कूटी को मारी टक्कर, दो युवतियों की मौत; भाजपा नेता की गाड़ी होने का दावामुजफ्फरपुर में BDO की पत्नी की संदिग्ध मौत, मायके वालों ने पति समेत तीन पर हत्या का लगाया आरोपपटना में 13 साल की नाबालिग के अपहरण का मामला: शादी का झांसा देने वाले आरोपी को पुलिस ने दबोचा, बेहोशी की हालत में मिली बच्ची कमर में पिस्टल किसने रखी?' वायरल वीडियो पर डीएसपी ने दी सफाई, कहा..बदमाशों ने पुलिस पर तानी थी बंदूक4 साल की सजा के बाद BJP विधायक राजू कुमार सिंह का भावुक पोस्ट, साहेबगंज की जनता से बोले- धैर्य रखें, कानून पर भरोसा बनाए रखेंमुजफ्फरपुर में तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने स्कूटी को मारी टक्कर, दो युवतियों की मौत; भाजपा नेता की गाड़ी होने का दावामुजफ्फरपुर में BDO की पत्नी की संदिग्ध मौत, मायके वालों ने पति समेत तीन पर हत्या का लगाया आरोपपटना में 13 साल की नाबालिग के अपहरण का मामला: शादी का झांसा देने वाले आरोपी को पुलिस ने दबोचा, बेहोशी की हालत में मिली बच्ची

जयपुर बम ब्लास्ट केस : 4 आरोपी दोषी करार, सीरियल ब्लास्ट में 80 लोगों की गई थी जान

JAIPUR: 2008 में जयपुर में हुए सीरियल बम ब्लास्ट केस में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को दोषी करार दे दिया है. सभी आरोपियों को UAPA के तहत अलग-अलग धाराओं में दोषी कर

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

JAIPUR: 2008 में जयपुर में हुए सीरियल बम ब्लास्ट केस में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को दोषी करार दे दिया है. सभी आरोपियों को UAPA के तहत अलग-अलग धाराओं में दोषी करार दिया गया है. 

बता दें कि 13 मई 2008 को जयपुर में अलग-अलग 8 जगहों पर सिलसिलेवार धमाके हुए थे. जिसमें 80 लोगों की मौत हो गई थी और 176 लोग घायल हो गए थे. इस घटना के 11 साल बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजम, सैफुर्रहमान और मोहम्मद सलमान को दोषी करार दिया है.  

बता दें कि जयपुर ब्लास्ट के दो आरोपियों को पुलिस ने नई दिल्ली के बाटला हाउस में हुए एनकाउंटर में मार दिया था. इस मामले की सुनवाई पिछले महीने ही पूरी हो गई थी. सुनवाई पूरी होने के बाद जज ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था.