गंगा में निर्माणाधीन पुल गिरा: सरकार के बचाव में उतरी नीतीश की पार्टी, JDU ने दी ये सफाई

गंगा में निर्माणाधीन पुल गिरा: सरकार के बचाव में उतरी नीतीश की पार्टी, JDU ने दी ये सफाई

PATNA: बिहार के भागलपुर में गंगा पर निर्माणाधीन अगवानी पुल रविवार की देर शाम रेत की दीवार की तरह भरभराकर ध्वस्त हो गया। अगवानी पुल का एक हिस्सा ध्वस्त होने पर सरकार की तरफ से तो फिलहाल कोई बयान नहीं आया है लेकिन नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने इसको लेकर सफाई दी है और गोलमटोल जवाब देकर इससे पल्ला झाड़ने की कोशिश की है।


जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि इंजीनियरों की टीम को मौके पर भेजा गया है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम इस बात की जांच करेगा कि पानी के बहाव या अन्य तकनीकी कारणों से पुल का हिस्सा पानी में गिर गया। वहीं जेडीयू के प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा है कि पुल निर्माण निगम के अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं। फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। नदी के बहाव, कटाव या तकनीकी कारणों से यह घटना हुई है इसकी जांच नोडल अधिकारी करेंगे। जांच में अगर संबंधित कंपनी की लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी।


उधर, करोड़ों की लागत से बन रहे पुल के एक हिस्से के ध्वत होने के बाद इसको लेकर सियासत भी तेज हो गई है। बीजेपी ने इसको लेकर सरकार पर जोरदार हमला बोला है और कहा है कि अगवानी पुल महागठबंधन की सरकार में व्यप्त भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा है कि सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है। नीतीश कुमार में थोड़ी सी भी नैतिकता बची है तो तुरंत इस्तीफा दें। सम्राट चौधरी ने कहा कि पुल के ध्वस्त होने की घटना के लिए जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ नीतीश कुमार हैं। वहीं नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि यह पुल नहीं बिहार की जनता का विश्वास गिर गया है। दो-दो बार निर्माणाधीन पुल का गिरना प्रमाणित करता है कि भ्रष्टाचार हुआ है।