पारिवारिक पेंशन पर सरकार का बड़ा फैसला, 7 साल की न्यूनतम सेवा अनिवार्यता खत्म

1st Bihar Published by: Updated Oct 06, 2020, 2:01:12 PM

पारिवारिक पेंशन पर सरकार का बड़ा फैसला, 7 साल की न्यूनतम सेवा अनिवार्यता खत्म

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DESK : पारिवारिक पेंशन को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया हैं. सरकार ने फैमिली पेंशन के नियमों के बड़ा बदलाव करने का आदेश जारी किया है. इस बदलाव के तहत अब पेंशन योजना में अभी तक चली आ रही 7 साल की लगातार सेवा की अनिवार्य शर्त को हटा दिया गया है.  नए नियम से देश के हजारों कर्मचारियों को फायदा होगा. 

इस नए नियम से सैन्यकर्मीयों के परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी. रक्षा मंत्रालय ने अब सैन्यकर्मी की मृत्यु होने की स्थिति में उसके परिवार को मिलनेवाली इनहांस्ड आर्डनरी फेमिली पेंशन (ईओएफपी) पाने के लिए सात साल लगातार सेवा की अनिवार्य शर्त हटा दी है. पहले सात वर्ष लगातार सेवा देने के बाद ही परिवार को यह पेंशन मिलती थी. सोमवार को इस बारे में एक अधिकारिक बयान जारी कर जानकारी दी गई. बयान के मुताबिक यह पेंशन सैन्यकर्मी के आखिरी वेतन की आधी होती थी और यह उसकी दुभाग्यपूर्ण मृत्यु के दिन से दस वर्ष तक परिवार को मिलती थी. लेकिन अब सात वर्ष तक लगातार सेवा की आवश्यक शर्त को हटा दिया गया है.

ईओएफपी सैन्यकर्मी के वेतन की आधी रकम होती थी तो आर्डनरी फेमिली पेंशन (ओएफपी) वेतन का 30 फीसद मिलती थी. इसके अलावा, रक्षा बल के वो कर्मी जिनकी मृत्यु सात साल की निरंतर सेवा पूरी किए बिना पहली अक्टूबर 2019 से पहले दस साल के भीतर हुई है, उनका परिवार भी पहली अक्टूबर 2019 से ईओएफपी के लिए पात्र होगा. यदि नौकरी छोड़ने, सेवानिवृत्ति, सेवामुक्ति के बाद सेवाकर्मी की मृत्यु हो जाती है तो उसकी मौत से सात साल तक के लिए या उस समय तक जब कर्मी 67 साल का होता, जो भी पहले हो, तक के लिए ईओएफपी दी जाती है.