1st Bihar Published by: Updated Dec 24, 2019, 1:27:23 PM
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DESK: फैमिलि कोर्ट में उस समय अजिबोगरिब स्थिती उत्पन्न हो गई जब पति-पत्नी के केस की सुनवाई कर रहे जज ने पति से शराब छोड़ने को कहा. इस पर पति ने जज के सामने यह साफ कर दिया कि वह पत्नी को छोड़ सकता है पर शराब को नहीं.
मामला मध्यप्रदेश के भोपाल की है. भोपाल के फैमली कोर्ट में बुजुर्ग दंपत्ती का मामला फैमली कोर्ट पहुंचा. 69 साल की पत्नी ने 89 साल के पति पर शराब पीकर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए भरण-पोषण की मांग की थी. जहां जज ने दोनों की काउंसलिंग कराई तो मामला सामने आया कि पति अपनी पत्नी के साथ शराब पीकर मारपीट करता था. मामले का समझौता कर रहे जज ने पति से शराब छोड़कर साथ रहने को कहा. इस पर पति ने कहा कि चिकचिक करने वाली पत्नी को छोड़ सकता है पर शराब को नही.
इसके पीछे उसने दलील दी कि पहले भी दो बार शराब छोड़ने की कोशिश कर चुका हूं पर बीमार हो जाता हूं. डॉक्टर ने मुझे कहा था कि शराब कम कर दो लेकिन पीते रहो. उसके बाद से लगातार शराब पी रहा हूं और पूरी तरह से स्वस्थ्य हूं. इसपर जज ने उसे पत्नी को 10 हजार हर महीने भरण-पोषण देने को कहा तो वह मान गया.
बताया जाता है कि दोनों के तीन बच्चे हैं. पत्नी बड़े बेटे के साथ शहर में रहती है और पति छोटे बेटे के साथ गांव में रहता है. रिटायरमेंट के बाद पति को भी पेंशन मिलती है उससे वह शराब पी जाता है.