दिल्ली में नाक कटाने के बाद कांग्रेस को बिहार की चिंता, पार्टी के सुस्त पदाधिकारियों की होगी छुट्टी

दिल्ली में नाक कटाने के बाद कांग्रेस को बिहार की चिंता, पार्टी के सुस्त पदाधिकारियों की होगी छुट्टी

PATNA : दिल्ली विधानसभा चुनाव में नाक कटाने के बाद कांग्रेस को अब बिहार की चिंता सताने लगी है। कांग्रेस को देर से ही सही लेकिन इस बात का अंदाजा हो गया है कि अगर संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत नहीं किया गया तो बिहार में इस बार पार्टी औंधे मुंह गिरेगी। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी सचिव ने एक अहम बैठक की है।


सदाकत आश्रम में उत्तर बिहार के जिलाध्यक्षों के साथ प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा और पार्टी के प्रभारी सचिव अजय कपूर ने संगठन के जमीनी स्थिति पर फीडबैक लिया है। जिलाध्यक्षों से मिले फीडबैक के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि पार्टी में निष्क्रिय पदाधिकारियों की भरमार है। कांग्रेस ने जिन नेताओं को पार्टी का पदाधिकारी बनाते हुए विधानसभा चुनाव की तैयारी का जिम्मा दिया वह केवल पद पर बैठकर आराम फरमा रहे हैं। प्रदेश नेतृत्व ऐसे नेताओं की एक लिस्ट बनाने जा रहा है जो निष्क्रिय पड़े हुए हैं।


बिहार कांग्रेस सुस्त पदाधिकारियों कि जल्द ही छुट्टी करने वाला है। कांग्रेस का पूरा ध्यान इस बात पर है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बिहार में पदाधिकारियों के खाली पड़े पद भरे जाएं। प्रभारी सचिव अजय कपूर में जिलाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि प्रखंड पंचायत और बूथ स्तर पर खाली पड़े पदों को तुरंत भरा जाए। साथ ही साथ निष्क्रिय पड़े पदाधिकारियों को पद मुक्त करने का आदेश भी दिया गया है।