बिहार में अपने डॉगी की लाश के साथ कलेक्टर ऑफिस पहुंचा युवक: कहा-DM साहब, सरकारी डॉक्टरों ने मेरे डॉगी की जान ले ली

बिहार में अपने डॉगी की लाश के साथ कलेक्टर ऑफिस पहुंचा युवक: कहा-DM साहब, सरकारी डॉक्टरों ने मेरे डॉगी की जान ले ली

PATNA: बिहार के बेगूसराय में एक बेजुबान जानवर की लाश ने सरकारी व्यवस्था की कलई खोल दी। एक युवक अपने बीमार डॉगी को लेकर सरकारी पशु अस्पताल गया था। वहां कई सरकारी पशु चिकित्सकों तैनात हैं लेकिन उसके बीमार डॉगी का इलाज नहीं किया गया। डॉगी की मौत के बाद युवक जिलाधिकारी से गुहार लगाने उसकी लाश को लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंच गया। इस मामले के चर्चा में आने के बाद डीएम ने जांच के आदेश दे दिये हैं।


बेगूसराय जिला समाहरणालय में आज कन्हैया पासवान नाम का युवक अपने डॉगी की डेड बॉडी के साथ पहुंचा. हालांकि कोविड को लेकर सरकारी दफ्तरों में आम लोगों का प्रवेश बंद है. लिहाजा उसकी मुलाकात डीएम से नहीं हो पायी. लेकिन डीएम ऑफिस के बाहर खड़ा युवक सरकारी पैसे से मौज कर रहे पशु चिकित्सकों की कारस्तानी चीख चीख कर सुनाता रहा. बात डीएम तक पहुंची तो जांच के आदेश दिये गये हैं. DM ने कहा कि इस मामले की जांच जिला पशुपालन पदाधिकारी से कराई जाएगी. अगर सरकारी पशु अस्पताल में पशु चिकित्सकों ने गड़बड़ी की होगी तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।


सरकारी पशु अस्पताल का हाल

युवक कन्हैया पासवान ने कहा कि वह बेगूसराय के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के तिलक टोल मोहन मोहल्ले का रहने वाला है. करीब एक सप्ताह पहले उसका डॉगी पवेलियन बीमार पड़ गया. कन्हैया ने बताया कि डॉगी के बीमार पड़ने के बाद उसके इलाज के लिए वह सरकारी पशु अस्पताल का पिछले एक सप्ताह से चक्कर लगा रहा था. लेकिन सरकारी डॉक्टरों ने इलाज ही नहीं किया. शुरू के दो दिन तो पशु अस्पताल में डॉक्टर इलाज के लिए तैयार  ही नहीं हुआ. कन्हैया पासवान ने बताया कि पहले दिन मौजूद डॉक्टर ने कहा कि डॉगी का इलाज कराना है तो दूसरे दिन आओ. जब दूसरे दिन पशु अस्पताल पहुंचा तो मौजूद डॉक्टर ने कहा कि डॉगी का नस ही नहीं मिल रहा है, अगले दिन आना. इस बीच डॉगी की हालत लगातार बिगड़ रही थी औऱ गुरुवार को उसने दम तोड़ दिया।


डीएम ने कहा-पशु अस्पताल की कई शिकायतें

बेगूसराय के डीएम अरविंद कुमार वर्मा ने कहा कि उन्हें इससे पहले भी पशुओं की मौत की कई शिकायतें मिली थी. उन्होंने शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों से पशु अस्पताल की जांच करवायी थी, जिसके बाद हालत सुधरी थी. लेकिन अब फिर से शिकायत आयी है. इस मामले की जांच पशुपालन पदाधिकारी से करायी जायेगी. पशु अस्पताल की व्यवस्था को हर हाल में सुधारा जायेगा ताकि पशुपालकों को कोई परेशानी नहीं हो।