1st Bihar Published by: Updated Thu, 12 Aug 2021 05:47:20 PM IST
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DESK: बिहार में एक ओर जहां नदियां उफान पर है। नदियों के जलस्तर में हुई वृद्धि से लोग खासे परेशान हैं तो वही दूसरी ओर बारिश आफत बनी हुई है। तेज बारिश और वज्रपात को लेकर अगले 72 घंटे के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से नेपाल की तराई से सटे क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
किशनगंज, अररिया, मधुबनी, सीतामढ़ी, सुपौल के साथ पूर्वी और पश्चिमी चंपारण जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों के लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। बिहार में मानसून की ट्रफ रेखा अमृतसर, देहरादून, बरेली, गोरखपुर से पटना होते हुए अरुणाचल प्रदेश की तरफ जा रही है।
इसके साथ ही एक चक्रवाती परिसंचरण भी बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के आस-पास फैला हुआ है। जिसकी वजह से अगले 72 घंटे में बिहार के अनेक स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग की ओर से लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने को कहा गया है. लोगों से यह आग्रह किया गया है कि वे सतर्क और सावधान रहें. यदि खूले में है तो जल्द से जल्द किसी पक्के मकान की शरण लें. ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहें.
पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, सहित 12 जिलों में 45 एमएम तक बारिश होने का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है। इस दौरान पटना में भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो बंगाल की खाड़ी से होते हुए हिमालय की तराई स्थित मोतिहारी, रक्सौल, अररिया,सीतामढ़ी, सुपौल, मधुबनी, किशनगंज तक साइक्लोन सर्किल का क्षेत्र बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी से नमी बिहार के विभिन्न हिस्से में प्रवेश कर रही है जिसके कारण पटना, गया, शेखपुरा में तेज हवा, वज्रपात के साथ बारिश होने के आसार दिख रहे हैं।