फेसबुक पर पोल खोलने की सजा: बिहार सरकार ने समस्तीपुर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक को सस्पेंड किया

1st Bihar Published by: Updated Jun 25, 2021, 9:16:37 PM

फेसबुक पर पोल खोलने की सजा: बिहार सरकार ने समस्तीपुर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक को सस्पेंड किया

- फ़ोटो

PATNA : बिहार में स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने सजा मिली है. सरकार ने कहा है कि सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर अधिकारी ने सरकार को क्षति पहुंचायी है. लिहाजा उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है.


समस्तीपुर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक निलंबित
बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के संयुक्ति सचिव राम ईश्वर ने आज आदेश निकाला है. बिहार के राज्यपाल के आदेश के अनुसार निकाले गये इस पत्र में कहा गया है कि समस्तीपुर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ हेमंत कुमार सिंह ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट किया है. उन्होंने ऐसा पोस्ट कर कोरोना वायरस जनित रोगों के रोकथाम हेतु सरकार द्वारा किए गए कार्य को क्षीण करने का प्रयास किया है. 


सरकार के पत्र में कहा गया है कि सदर अस्पताल के उपाधीक्षक ने जो पोस्ट किया है वह बिहार सरकारी सेवक (आचार) नियमावली, 1976 के नियम 3 एवं 10 (क) में निहित प्रावधान का उल्लंघन है. डॉ. सिंह द्वारा किये गये पोस्ट को सरकारी नियमावली के प्रतिकूल पाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जा रहा है. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पटना रहेगा औऱ उन्हें सिर्फ जीवन यापन भत्ता दिया जायेगा. सरकार ने पत्र की कॉपी दरभंगा प्रमंडल के क्षेत्रीय अपर निदेशक और समस्तीपुर सिविल सर्जन को भी भेजी है औऱ उन्हें डॉ. हेमंत कुमार सिंह को अधिसूचना की प्रति तामिला कराने को कहा है.


क्या है मामला
दरअसल डॉ हेमंत कुमार सिंह ने कोरोना को लेकर फेसबुक पर पोस्ट किया था. इसमें सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया गया था. हालांकि विवाद खड़ा होने के बाद उन्होंने उस पोस्ट को हटा लिया. लेकिन सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया है. 


केंद्रीय मंत्री की नाराजगी की मिली सजा
उधर चर्चा ये भी है कि डॉ हेमंत कुमार सिंह को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय की नाराजगी की सजा मिली है. दरअसल नित्यानंद राय ने पिछले रविवार को सदर अस्पताल का निरीक्षण किया था. उन्होंने अस्पताल में बन रहे पीकू वार्ड का निरीक्षण किया था. इस दौरान उन्होंने अस्पताल के उपाधीक्षक को जमकर फटकार लगायी थी औऱ उनके खिलाफ राज्य सरकार से शिकायत करने की बात कही थी.