1st Bihar Published by: Updated Mon, 12 Jul 2021 08:38:39 AM IST
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PATNA : बिहार में बालू के अवैध खनन के कारण सरकार की लगातार किरकिरी हो रही है। अवैध खनन के खेल में पुलिस से लेकर प्रशासन के अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई है। अब सरकार ने ऐसे अधिकारियों और पुलिसकर्मियों एक्शन लेने का मन बना लिया है जो बालू के इस काले कारोबार में शामिल हैं। आर्थिक अपराध इकाई इसके लिए जांच रिपोर्ट भी तैयार कर ली है। रिपार्ट गृह विभाग के पास पहुंच चुकी है और अब दोषी पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ अन्य विभाग के अधिकारियों पर भी गाज गिरनी तय है। पुलिस महकमे में इसके लिए एक्शन भी शुरू हो चुका है। बालू के अवैध खनन में मिलीभगत रखने वाले लगभग डेढ़ दर्जन इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर हटाए जा चुके हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बालू के अवैध खनन के खेल में 2 जिलों के एसपी के साथ-साथ दो एसडीओ, 4 डीएसपी रैंक के अधिकारी, 18 इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर के साथ-साथ राजस्व, परिवहन और खनन विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई है। अवैध खनन के इस कारोबार से इन सभी को फायदा पहुंचा है। बालू माफिया के साथ मिलीभगत कर इन्होंने बिहार में पीला सोना के अवैध धंधे को कहीं न कहीं सपोर्ट किया है और अब आर्थिक अपराध इकाई ने अपनी जांच रिपोर्ट में इस बात का खुलासा कर दिया है। 2 आईपीएस अधिकारियों के ऊपर जल्द ही सरकार एक्शन ले सकती है। जिन जिलों में यह अधिकारी तैनात हैं उनमें पटना, औरंगाबाद, भोजपुर, रोहतास और सारण जिला शामिल है।
मीडिया रिपोर्ट में लगातार यह खुलासा होने के बाद की कैसे बालू का खनन बंद होने के बावजूद अवैध खनन जारी है। कैसे माफिया बिहार में बालू की लूट कर रहा है और प्रशासन से लेकर पुलिस तक की नजर उस पर नहीं है। कैसे अधिकारियों के संरक्षण में बालू का अवैध खनन चल रहा है। इन तमाम खुलासों के बाद सरकार ने आर्थिक अपराध इकाई को जांच का जिम्मा दिया था। आर्थिक अपराध इकाई ने अवैध खनन वाले जिलों में जांच शुरू की और तब बड़ा खुलासा हुआ कि कैसे आईपीएस अधिकारी से लेकर अन्य विभाग के अफसर इस काले खेल में शामिल हैं। अब जांच रिपोर्ट सरकार के पास है लिहाजा इंतजार एक्शन का है।