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Pankaj Tripathi: बॉलीवुड में न्यूकमर्स संग कितना भेदभाव? धरी रह जाती है प्रतिभा? पंकज त्रिपाठी ने खोल दिया पूरा काला-चिट्ठा

Pankaj Tripathi: पंकज त्रिपाठी का कहना है कि बॉलीवुड में न्यूकमर्स को स्ट्रगल के बावजूद हक का काम नहीं मिल पाता है। इंडस्ट्री की खामियों पर एक्टर ने किए कई खुलासे।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 05, 2025, 3:01:08 PM

Pankaj Tripathi

पंकज त्रिपाठी - फ़ोटो Google

Pankaj Tripathi: हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने हाल ही में बॉलीवुड के अंदर की सच्चाई पर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा है कि यह बात सत्य है कि इंडस्ट्री में न्यूकमर्स को आसानी से वह अवसर नहीं मिलते, जिनके वे हकदार होते हैं। अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों का जिक्र करते हुए पंकज ने बताया कि बॉलीवुड में नए कलाकारों को काफी स्ट्रगल करना पड़ता है और कई बार उनकी प्रतिभा को उचित मौका मिलने में देरी भी होती है।


पंकज त्रिपाठी ने एक इंटरव्यू में कहा कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कई खामियां हैं, जो न्यूकमर्स के लिए रास्ता मुश्किल बना देती हैं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शुरुआती दौर में उन्हें भी वह काम नहीं मिला, जो उनकी प्रतिभा के अनुरूप था। इंडस्ट्री में नए चेहरों को साबित करने के लिए लंबा इंतजार और मेहनत करनी पड़ती है।


पंकज ने यह भी कहा है कि बॉलीवुड में स्ट्रगल न्यूकमर्स के लिए एक अनिवार्य हिस्सा है। उनके अनुसार, प्रतिभाशाली होने के बावजूद कई बार नए कलाकारों को वह अवसर नहीं मिल पाते, जिनके वे योग्य होते हैं। यह स्थिति इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली में भारी कमी को अच्छे से दर्शाती है।


पंकज त्रिपाठी की यह दो टूक राय उन सभी युवाओं के लिए प्रासंगिक है, जो बॉलीवुड में अपनी किस्मत आजमाने का सपना देखते हैं। उनकी अब तक की जर्नी और यह ताजा बयान नए कलाकारों के बड़े काम का साबित हो सकती है। अगर आपने यह फैसला कर ही लिया है कि आपको फिल्म जगत में करियर बनाना है तो बहुत सारे रिजेक्शन के लिए तैयार रहें।


संघर्ष को अपना साथी बनाना होगा और धैर्य के मामले में मास्टर बनना पड़ेगा, तभी आप इस क्षेत्र में कोई मुकाम हासिल कर पाएंगे। वरना आज तक जाने कितने ही युवा फिल्म जगत में किस्मत आजमाने आए और सिर्फ इसलिए असफल रहे क्योंकि उनमें धैर्य नहीं था और न ही वे संघर्ष करने के मामले में उस्ताद थे। जबकि पंकज त्रिपाठी और मनोज बाजपेयी सरीखे दिग्गज की यात्राओं से हमें यह साफ़ पता चलता है कि ये दोनों ही चीजें एक कलाकार के जीवन में कितने महत्वपूर्ण हैं।