Nana Patekar : भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे। 75 साल की उम्र में 8 अक्टूबर 2026 को उनके निधन की खबर ने देशभर के प्रशंसकों को झकझोर दिया। गोवा स्थित उनके घर पर कार्डियक अरेस्ट के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की कोशिश के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
नाना पाटेकर का नाम आते ही उनकी दमदार आवाज, तीखे संवाद और यादगार किरदार आंखों के सामने आ जाते हैं। करीब पांच दशक के करियर में उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में ऐसी छाप छोड़ी, जिसे मिटाना आसान नहीं है। पद्म श्री से सम्मानित नाना को उनके अभिनय के लिए तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिले। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘प्रहार’, ‘तिरंगा’, ‘खामोशी’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को आज भी याद किया जाता है।
लेकिन नाना की शख्सियत सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं थी। वह राजनीति और सामाजिक सरोकारों से लेकर खेल तक में गहरी दिलचस्पी रखते थे। खास तौर पर क्रिकेट उनके दिल के बेहद करीब था। नाना खुद बता चुके थे कि बचपन में वह ऑफ स्पिन गेंदबाजी किया करते थे और मुंबई के मशहूर शिवाजी पार्क में जाकर अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को गेंदबाजी कराते थे। उस दौर में आर्थिक तंगी थी, इसलिए क्रिकेट से जुड़ने का उनका अंदाज भी बिल्कुल अलग था।
विराट कोहली के थे जबरदस्त फैन
नाना पाटेकर की क्रिकेट प्रेम की सबसे चर्चित कहानी भारतीय क्रिकेट के सुपरस्टार विराट कोहली से जुड़ी है। 2025 में दिए एक इंटरव्यू में जब उनसे उनके पसंदीदा क्रिकेटर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बिना किसी हिचक के विराट कोहली का नाम लिया था।
नाना ने बताया था कि विराट अगर जल्दी आउट हो जाते हैं तो उनका खाना खाने का भी मन नहीं करता। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था और लोगों ने इस पर मजेदार मीम्स भी बनाए थे। उनके लिए विराट सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं, बल्कि पसंदीदा खिलाड़ी थे, जिनके खेल से वह भावनात्मक रूप से जुड़े हुए थे।
नाना की बातों से साफ था कि क्रिकेट को लेकर उनका जुनून उम्र के साथ कम नहीं हुआ था। वह खेल को सिर्फ देखते नहीं थे, बल्कि उसे महसूस करते थे। यही वजह थी कि विराट के विकेट का असर उनके मूड और यहां तक कि खाने की इच्छा पर भी पड़ता था।
सिर्फ क्रिकेट फैन नहीं, शूटिंग में भी आजमाया हाथ
नाना पाटेकर का खेल से रिश्ता क्रिकेट तक ही सीमित नहीं था। वह शूटिंग के भी शौकीन थे और राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके थे। उन्होंने नवंबर 2011 में पुणे में आयोजित नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में 50 मीटर राइफल प्रोन पोजिशन स्पर्धा में भाग लिया था।
इसके बाद 2014 में उन्होंने कादरपुर स्थित सीआरपीएफ एकेडमी में आयोजित नेशनल ओपन शूटिंग चैंपियनशिप में भी हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता में भारत के दिग्गज शूटर गगन नारंग भी शामिल थे। रिपोर्टों के अनुसार, नाना ने शूटिंग में पदक भी जीता था और इस खेल को लेकर उनका जुनून काफी गंभीर था। यानी पर्दे पर बंदूक थामने वाले नाना पाटेकर का शूटिंग से रिश्ता सिर्फ अभिनय तक नहीं था। वह वास्तविक जीवन में भी निशानेबाजी को लेकर रुचि रखते थे।
विराट ने दी भावुक श्रद्धांजलि
नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद विराट कोहली ने भी उन्हें याद किया। विराट ने सोशल मीडिया पर नाना की तस्वीर साझा करते हुए उन्हें भारतीय सिनेमा का सच्चा लीजेंड बताया। उन्होंने कहा कि नाना का काम और उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों तक जीवित रहेगी और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
यह श्रद्धांजलि इसलिए भी खास है क्योंकि जिस विराट कोहली को नाना अपना पसंदीदा क्रिकेटर बताते थे, उसी विराट ने आज उन्हें भावुक होकर विदाई दी है। एक तरफ सिनेमा ने अपना दिग्गज कलाकार खो दिया, तो दूसरी तरफ क्रिकेट ने ऐसा प्रशंसक खोया, जो खेल को सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि दिल से जीता था।
नाना पाटेकर की पहचान उनके अभिनय से हमेशा रहेगी, लेकिन उनकी जिंदगी का यह क्रिकेट कनेक्शन उनके व्यक्तित्व का एक ऐसा पहलू है, जिसे उनके जाने के बाद लोग और भी ज्यादा याद कर रहे हैं। पर्दे पर अपने संवादों से लोगों को चौंकाने वाले नाना अब खामोश हैं, लेकिन उनके किरदार, उनकी आवाज और क्रिकेट के प्रति उनका जुनून लंबे समय तक लोगों की यादों में जिंदा रहेगा।





