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सीता ने JMM को कहा अलविदा तो कल्पना ने दिया बड़ा बयान, बड़े भाई को लेकर दी बड़ी जानकारी

RANCHI : जामा विधायक सीता सोरेन के भाजपा में शामिल होने के बाद झारखंड की राजनीति एक बार फिर से गरम हो गयी है। पार्टी छोड़ने के बाद पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने स

सीता ने JMM को कहा अलविदा तो कल्पना ने दिया बड़ा बयान, बड़े भाई को लेकर दी बड़ी जानकारी
Tejpratap
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3 मिनट

RANCHI : जामा विधायक सीता सोरेन के भाजपा में शामिल होने के बाद झारखंड की राजनीति एक बार फिर से गरम हो गयी है। पार्टी छोड़ने के बाद पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने स्व दुर्गा सोरेन को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा लिखा कि हेमंत जी के लिए स्वर्गीय दुर्गा दा, सिर्फ बड़े भाई नहीं बल्कि पिता तुल्य अभिभावक के रूप में रहे। 2006 में ब्याह के उपरांत इस बलिदानी परिवार का हिस्सा बनने के बाद मैंने हेमंत जी का अपने बड़े भाई के प्रति आदर तथा समर्पण और स्वर्गीय दुर्गा दा का हेमंत जी के प्रति प्यार देखा। 


इसके आगे कल्पना सोरेन ने कहा कि, हेमंत जी राजनीति में नहीं आना चाहते थे लेकिन दुर्गा दादा की असामयिक मृत्यु और आदरणीय बाबा के स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें राजनीति के क्षेत्र में आना पड़ा। हेमंत जी ने राजनीति को नहीं बल्कि राजनीति ने हेमंत जी को चुन लिया। जिन्होंने आर्किटेक्ट बनने की ठानी थी उनके ऊपर झामुमो, आदरणीय बाबा और स्व दुर्गा दा की विरासत तथा संघर्ष को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी थी। 


वहीं, कल्पना ने झामुमो का उदय क्यों हुआ इस बारे में भी जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि, झारखंड मुक्ति मोर्चा का जन्म समाजवाद और वामपंथी विचारधारा के समन्वय से हुआ था। झामुमो आज झारखण्ड में आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों एवं अल्पसंख्यकों समेत सभी गरीबों, वंचितों और शोषितों की विश्वसनीय आवाज बन कर आगे बढ़ रही है।


आदरणीय बाबा एवं स्व दुर्गा दा के संघर्षों और जो लड़ाई उन्होंने पूंजीपतियों-सामंतवादियों के खिलाफ लड़ी थी उन्हीं ताकतों से लड़ते हुए आज हेमंत जी जेल चले गये. वे झुके नहीं। उन्होंने एक झारखंडी की तरह लड़ने का रास्ता चुना। वैसे भी हमारे आदिवासी समाज ने कभी पीठ दिखाकर, समझौता कर, आगे बढ़ना सीखा ही नहीं है। झारखण्डी के DNA में ही नहीं है झुक जाना।