ब्रेकिंग
भोजपुर एनकाउंटर पर गरजे पप्पू यादव, भरत तिवारी को शहीद का दर्जा देने की मांग; सम्राट सरकार से मांगा इस्तीफाचंपारण को देश का प्रमुख गन्ना उत्पादन क्षेत्र बनाने की तैयारी, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को दिए ये निर्देश‘जान दे देंगे लेकिन जमीन नहीं’, वाटर पार्क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का भारी विरोध; नापी के दौरान जमकर नोकझोंकम्यूटेशन के लिए तीन बार ली रिश्वत! कटिहार में राजस्व कर्मचारी का वीडियो वायरल84 लाख लूटकांड का बिहार कनेक्शन, तेलंगाना पुलिस ने पटना से मो. आदिल को उठायाभोजपुर एनकाउंटर पर गरजे पप्पू यादव, भरत तिवारी को शहीद का दर्जा देने की मांग; सम्राट सरकार से मांगा इस्तीफाचंपारण को देश का प्रमुख गन्ना उत्पादन क्षेत्र बनाने की तैयारी, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को दिए ये निर्देश‘जान दे देंगे लेकिन जमीन नहीं’, वाटर पार्क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का भारी विरोध; नापी के दौरान जमकर नोकझोंकम्यूटेशन के लिए तीन बार ली रिश्वत! कटिहार में राजस्व कर्मचारी का वीडियो वायरल84 लाख लूटकांड का बिहार कनेक्शन, तेलंगाना पुलिस ने पटना से मो. आदिल को उठाया

मवेशियों को सब्जी खिलाने पर मजबूर हुए किसान, लॉकडाउन में नहीं मिल रहे खरीदार

RANCHI: लॉकडाउन में भले ही सब्जी शहर में अधिक रेट पर मिल रहा है. लेकिन हकीकत यह भी है कि गांव के किसानों की सब्जी लेने वाला कोई नहीं पहुंच रहा है. जिसके कारण मजबूरी में किसान मवेशि

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

RANCHI: लॉकडाउन में भले ही सब्जी शहर में अधिक रेट पर मिल रहा है. लेकिन हकीकत यह भी है कि गांव के किसानों की सब्जी लेने वाला कोई नहीं पहुंच रहा है. जिसके कारण मजबूरी में किसान मवेशियों को टमाटर, खीरा और गोभी खिला रहे है. यह मामला रांची के ओखरगढ़ा गांव का है.

रात में पहुंचे खरीदार तो पुलिस देख भाग निकले

किसान रघुनाथ बेदिया ने बताया कि लॉकडाउन में सब्जी लेने के लिए कोई कारोबारी नहीं आ रहा है. जिसके कारण उनके खेत से सब्जी बाहर नहीं जा पा रहा है. दो दिन पहले रात में कारोबारी सब्जी लेने आया. सब्जी तोड़कर दे रहे थे. इस दौरान ही पुलिस आ गई देख कारोबारी भाग निकला, जिसके बाद दोबारा गांव में नहीं आया. लॉकडाउन के कारण खुद सब्जी लेकर निकल भी नहीं पा रहे हैं. लोकल बाजार भी नहीं लग रह है.

कर्ज लेकर किया था खेती

बेदिया ने बताया कि वह 2 लाख रुपए कर्च लेकर इस बार सब्जी की खेती किए थे,लेकिन कुछ दिन पहले हुई बारिश और वज्रपात के कारण गोभी की फसल खराब हो गया. अब जो बचा उसको लेने वाला भी कोई नहीं आ रह है. खेत से खीरा निकल रहा है. लेकिन कोई खरीदार नहीं हैं. 5 रुपए खीरा और 5 रुपए पत्ता गोभी भी कोई लेने वाला नहीं हैं. ऐसे में सब्जी को या तो फेंकना पड़ा रहा.जितना हो रहा वह मवेशियों को खिला रहे हैं. यह हाल सैकड़ों किसानों का है. 

टैग्स