ब्रेकिंग
‘ढह गया है एजुकेशन सिस्टम’, झारखंड के JPSC-JSSC छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी का बड़ा बयानजेन जी हमारी पीढ़ी से ज्यादा ईमानदार और देशभक्त, उन्हें चाहिए तार्किक जवाब, मोहन भागवत का बड़ा बयान..“Gen Z हमारे अपने लोग हैं”मंत्री दीपक प्रकाश बने MLC, बिहार विधान परिषद में सभापति ने दिलाई शपथ; पिता उपेंद्र कुशवाहा समेत NDA नेता रहे मौजूदRJD ने बिहार की सभी सांगठनिक इकाइयां की भंग, जल्द होगा पुनर्गठन दो हजार रूपये घूस लेने वाले हेडमास्टर को 3 साल की सजा और जुर्माना, विजिलेंस कोर्ट ने सुनाया फैसला‘ढह गया है एजुकेशन सिस्टम’, झारखंड के JPSC-JSSC छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी का बड़ा बयानजेन जी हमारी पीढ़ी से ज्यादा ईमानदार और देशभक्त, उन्हें चाहिए तार्किक जवाब, मोहन भागवत का बड़ा बयान..“Gen Z हमारे अपने लोग हैं”मंत्री दीपक प्रकाश बने MLC, बिहार विधान परिषद में सभापति ने दिलाई शपथ; पिता उपेंद्र कुशवाहा समेत NDA नेता रहे मौजूदRJD ने बिहार की सभी सांगठनिक इकाइयां की भंग, जल्द होगा पुनर्गठन दो हजार रूपये घूस लेने वाले हेडमास्टर को 3 साल की सजा और जुर्माना, विजिलेंस कोर्ट ने सुनाया फैसला

‘जान दे देंगे लेकिन जमीन नहीं’, वाटर पार्क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का भारी विरोध; नापी के दौरान जमकर नोकझोंक

Bihar News: मोतिहारी के पिपरा कोठी में प्रस्तावित वाटर पार्क के लिए जमीन की नापी के दौरान किसानों ने जोरदार विरोध किया। पुलिस और किसानों के बीच नोकझोंक व धक्का-मुक्की हुई, जबकि भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन ने नापी का काम शुरू कराया।

Bihar News
© Reporter
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: मोतिहारी के पिपरा कोठी थाना क्षेत्र में प्रस्तावित वाटर पार्क के लिए जमीन की नापी करने पहुंची प्रशासनिक टीम को रविवार को किसानों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। जमीन पर अपना दावा कर रहे किसानों और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। 


किसानों का आरोप है कि वे वर्षों से इस जमीन पर खेती करते आ रहे हैं और उनके पास जमीन से जुड़े वैध दस्तावेज भी मौजूद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमाबंदी रद्द कर दी गई है और अब प्रशासन द्वारा जबरन जमीन अधिग्रहण कर वाटर पार्क बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। 


विरोध के दौरान बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं और पुरुष जमीन पर पहुंच गए और नापी का विरोध करने लगे। पुलिस ने जब किसानों को हटाने का प्रयास किया तो दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बन गई। किसानों ने पुलिस पर सख्ती बरतने और मारपीट करने का आरोप लगाया। किसानों ने कहा कि वे अपनी जमीन बचाने के लिए आखिरी दम तक संघर्ष करेंगे। कई घंटों तक प्रशासन और ग्रामीणों के बीच तनाव बना रहा।


बाद में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के बीच जमीन की नापी का काम शुरू कराया गया। मौके पर सदर एसडीओ निशांत सिहारा, डीएसपी समेत कई अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहे। हालांकि प्रशासन की ओर से पूरे मामले पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। फिलहाल पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही। किसानों का कहना है कि वह अपनी जान दे देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे।

रिपोर्ट- सोहराब आलम, मोतिहारी

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता