KATIHAR: बिहार में सरकारी कामकाम बिना पैसे के नहीं होता है, यह आरोपी विपक्षी पार्टियां अक्सर लगाते रहती हैं। कहती है कि हर जगह लूट मची हुई है। बिना चढ़ावा चढ़ाये सरकारी दफ्तरों में काम नहीं होता है। कटिहार में जमीन के म्यूटेशन के नाम पर राजस्व कर्मचारी ने जमीन मालिक से अवैध वसूली की। जमीन मालिक संजीव कुमार से तीन बार पैसे की वसूली की गयी। कुल 76 हजार रुपये की वसूली के बाद भी म्यूटेशन नहीं किया गया। जमीन मालिक के हाथ से 21 हजार रुपये छीनते आजमनगर प्रखंड के पिंढाल पंचायत के राजस्व कर्मचारी सुनील कुमार ठाकुर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
हालाकि वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि फर्स्ट बिहार नहीं करता है। लेकिन शिकायतकर्ता जमीन मालिक ने दावा किया है कि पीले रंग की टी-शर्ट पहले जो व्यक्ति वायरल वीडियो में दिख रहा है, वो आजमनगर प्रखंड के पिंढाल पंचायत के राजस्व कर्मचारी सुनील कुमार ठाकुर है। जो जमीन दाखिल खारिज करने के नाम पर 21 हजार रुपया कैश उनकी हाथ से ले रहा है। जब जमीन मालिक रुपये को गिनकर देने लगा तब राजस्व कर्मचारी उससे कैश छीन लिया और कहने लगा कि गिनने की क्या जरूरत है। शिकायककर्ता ने कहा कि राजस्व कर्मचारी सुनील ठाकुर तीसरी बार पैसा लिया है। पहली बार 40 हजार रुपया लिया, दूसरी बार 15 हजार कैश और तीसरी बार 21 हजार रुपया लिया। पैसा लेने के बाद बार-बार यही आश्वासन देता रहा कि बस अब आपका काम हो जाएगा।
लेकिन अभी तक जमीन का दाखिल खारिज नहीं किया गया। दो बार कैश दिया लेकिन वीडियो नहीं बना पाया लेकिन तीसरी बार पैसे देने का वीडियो जमीन मालिक ने बना लिया, वही वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसे देखकर हर कोई हैरान है। लोग राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल से सवाल पूछ रहे हैं कि आपके विभाग के कर्मचारियों के हौसले काफी बुलंद है। यही कारण है कि जमीन संबंधी काम के लिए ये पैसे की वसूली कर रहे हैं, इस बार वसूली की तस्वीर कैमरे में कैद हो गयी है। शिकायतकर्ता संजीव ने बताया कि जमीन के म्यूटेशन के लिए हम अप्लाई किये थे। कर्मचारी की लापरवाही की वजह से आवेदन रिजेक्ट हो गया। कर्मचारी ने कहा कि दूसरे के नाम से जमीन को ट्रांसफर कराइए, हम आपका म्यूटेशन करवा देंगे। फिर उसके बाद हम दूसरे के नाम से ट्रांसफर किए, उसमें ज्यादा पैसा भी खर्च हो गया था।
फिर कर्मचारी ने कहा कि आप जल्दी पैसा लेकर आइए नहीं तो इस बार भी दाखिल खारिज फिर से रिजेक्ट हो जाएगा। खस्सी-बकरी बेचकर हमने पैसे की व्यवस्था की तब कर्मचारी ने कहा कि ठीक है, आप पैसा दे दीजिए हमको, इस बार आपका काम करा देंगे। इस तरह से दो बार हमसे पैसा लिया गया। पहली बार 40 हजार दूसरी बार 15 हजार और तीसरी बार 21 हजार रुपया मुझसे लिया गया। शिकायतकर्ता संजीव कुमार ने बताया कि हम पैसा देकर थक चुके थे। फिर तीसरी बार 21 हजार रुपये की मांग की गयी। दो बार पैसे दिए, लेकिन मेरे पास कोई सबूत नहीं था। इस बार हम सोचे कि हम कितना बार पैसा देंगे, पैसा देते-देते थक चुके हैं। वही घूस लेते राजस्व कर्मचारी का वीडियो देखने के बाद डीएम आशुतोष त्रिवेदी ने बताया कि मामला सामने आने के बाद अभी तक कई लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है और हो भी रही है। जो करप्शन को लेकर सरकार की 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति है। हम लोग पूरे तरीके से इसका पालन कर रहे हैं और जो सूचना मिल रही है, हम उसे जांच कराएंगे और अगर घूस लेने के मामले की पुष्टि होती है तो निश्चित रूप से कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेंगे। इसमें कोई दो राय नहीं है।










