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स्वास्थ्य मंत्री लेना चाहते थे पहला टीका, लेकिन विभाग से नहीं मिली मंजूरी

RANCHI: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता कोरोना का पहला टीका लेना चाहते थे, लेकिन उनको भारत सरकार ने स्वास्थ्य कर्मी मानने से इंकार कर दिया और टीका लगाने की मंजूरी नहीं

स्वास्थ्य मंत्री लेना चाहते थे पहला टीका, लेकिन विभाग से नहीं मिली मंजूरी
Manish Kumar
2 मिनट

RANCHI: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता कोरोना का पहला टीका लेना चाहते थे, लेकिन उनको भारत सरकार ने स्वास्थ्य कर्मी मानने से इंकार कर दिया और टीका लगाने की मंजूरी नहीं दी. जिसके कारण वह टीका नहीं ले पाए. 

स्वास्थ्य विभाग को भेजा मेल

इसको लेकर बकायदा स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को जब टीका नहीं लगा तो उन्होंने नाराजगी जतायी. बन्ना गुप्ता ने केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग को मेल कर लिखा कि स्वास्थ्य मंत्री स्वास्थ्य कर्मी होते हैं इसलिए उन्हें पहला टीका लगना चाहिए. लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली. जिसके बाद बन्ना गुप्ता ने कहा कि अगर पीएम मोदी को टीका लग जाता तो स्वास्थ्य मंत्री को भी लग जाता. स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य मंत्री को स्वास्थ्यकर्मी नहीं मानता है. बता दें कि देश में आज से कोरोना का टीका लग रहा है. लेकिन यह टीका सिर्फ स्वास्थ्यकर्मियों को दिया जा रहा है. फिलहाल यह आमलोगों को नहीं मिल रहा है. 


सीएम भी पहुंचे सेंटर

सीएम हेमंत सोरेन के साथ रांची सदर हॉस्पिटल पहुंचे हुए थे. यहां से महिला सफाईकर्मी को सबसे पहले टीका दिया गया. झारखंड के 24 जिलों में 2-2 सेंटर बनाया गया है. झारखंड में पहले चरण में टीकाकरण के लिए निजी और सरकारी क्षेत्र के 1 लाख 40 हजार स्वास्थ्य कर्मियों का पंजीकरण को-विन पोर्टल पर किया जा चुका है. जिसके लिए 1.62 लाख डोज टीका राज्य को प्राप्त हो चुका है. 

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