ब्रेकिंग
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी✦दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी

मां और 5 बेटों की कोरोना से मौत, करोड़पति परिवार में आज शव लेने वाला भी कोई नहीं

RANCHI: देश में कोरोना संकट की सबसे दर्दनाक मामले में धनबाद के कतरास का है. यहां पर 18 दिनों के अंदर मां और 5 बेटों की कोरोना से मौत हो गई है. स्थिति ऐसी हो गई है कि रिम्स मे

FirstBihar
Manish Kumar
3 मिनट

RANCHI:  देश में कोरोना संकट की सबसे दर्दनाक मामले में धनबाद के कतरास का है. यहां पर 18 दिनों के अंदर मां और 5 बेटों की कोरोना से मौत हो गई है. स्थिति ऐसी हो गई है कि रिम्स में सोमवार को परिवार से 6वें शख्स ने जब दम तोड़ा तो उसका शव लेने वाला भी कोई नहीं था. इस करोड़पति परिवार में कोरोना ने कोहराम मचा दिया है. 


 पांचवे बेटे का शव रिम्स में है पड़ा

रिम्स में इलाज के दौरान पांचवें बेटे की सोमवार को मौत हो गई. शव को रिम्स में रखा गया है. हॉस्पिटल प्रशासन इंतजार कर रहा है कि शव लेने कोई आएगा. लेकिन शव लेने कोई नहीं पहुंचा. क्योंकि परिवार के 14 लोग क्वॉरेंटाइन में है. ऐसे में अंतिम संस्कार कैसे होगा. यह सवाल बना हुआ है. परिजनों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि कतरास शव पहुंचाने में मदद करेंगे. क्योंकि हमलोग होम क्वॉरेंटाइन में हैं. 

एक और बेटे का शव लेने नहीं पहुंचा कोई तो प्रशासन ने कराया अंतिम संस्कार

कुछ दिन पहले ही चौथे बेटे की रिम्स में इलाज के दौरान मौत हुई थी. उस शव को लेने के लिए परिवार को कोई भी सदस्य नहीं आ पाया. जिसके बाद प्रशासन ने अंतिम संस्कार कराया.  गाइड लाइन के अनुसार कोरोना से संक्रमित व्यक्ति की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार परिजन के समक्ष प्रशासन कराता है.


सभी भाईयों के बड़े-बड़े कारोबार

जिस परिवार में मां और पांच बेटों की मौत हुई है वह कतरास का फेमस कारोबारी परिवार है. लेकिन कोरोना संकट में यह करोड़पति परिवार बर्बाद हो गया. 4 जुलाई को सबसे पहले इस परिवार में महिला की मौत हुई उसके बाद उसके बेटों की कोरोना से मौत का सिलसिला शुरू हो गया. कतरास में एक भाई का मोबाइल पार्ट्स का होलसेल का बिजनेस है तो दूसरे भाई की राउलकेला में स्पंज आयरन की फैक्ट्री है. तीसरे का पुरुलिया में स्क्रैप का फैक्ट्री है. चौथे भाई का कोयला ट्रांसपोर्टिंग का बिजनेस था पांचवें भाई का धनबाद में रिसोर्ट है और छठे भाई दिल्ली में बिजनेसमैन हैं. 

टैग्स