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झारखंड में सियासी संकट: राज्यपाल रमेश बैस रांची पहुंचे, सीएम आवास पर हलचल तेज

JHARKHAND : झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की कुर्सी खतरे में आ गई है। निर्वाचन आयोग द्वारा राज्यपाल को हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश भेजने के बाद झारखंड में सियासी

झारखंड में सियासी संकट: राज्यपाल रमेश बैस रांची पहुंचे, सीएम आवास पर हलचल तेज
Mukesh Srivastava
2 मिनट

JHARKHAND : झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की कुर्सी खतरे में आ गई है। निर्वाचन आयोग द्वारा राज्यपाल को हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश भेजने के बाद झारखंड में सियासी हलचल तेज हो गई है। झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस भी रांची पहुंच गए हैं। सदस्यता रद्द करने की खबरों के बीच सीएमओ का बयान सामने आया है। सीएमओ ने कहा है कि इसको लेकर ECO या राज्यपाल की तरफ से से कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।


इधर, झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस भी दिल्ली से रांची पहुंच चुके हैं। चुनाव आयोग की सिफारिश पर राज्यपाल  रमेश बैस ने कहा है कि उनके पास फिलहाल हेमंत सोरेन की सदस्यता को लेकर कोई जानकारी नहीं आई है। उन्होंने कहा है कि इस संबंध में उनके पास कोई आदेश नहीं आया है, राजभवन पहुंचने के बाद ही स्पष्ट तौर पर कुछ जानकारी दे सकेंगे।


इसी बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा के सभी विधायकों को रांची पहुंचने का फरमान जारी कर दिया गया है। राज्यपाल के फैसले से पहले झारखंड के कई मंत्री और विधायकों के साथ एडवोकेट जनरल राजीव रंजन मुख्यमंत्री आवास पर पहुंच गए हैं। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि हेमंत सोरेन की कुर्सी जाते ही झारखंड में राजनीतिक संकट उत्पन्न हो सकती है।


बता दें कि खदान लीज मामले में चुनाव आयोग ने राज्यपाल रमेश बैस को हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता खत्म करने की सिफारिश की है। भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में सुनवाई हुई थी। जिसके बाद आयोग ने राज्यपाल को अपनी राय भेजी है। चुनाव आयोग की सिफारिश के बाद झारखंड में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। अब सबकी नजर राज्यपाल के फैसले पर टिकी है, अंतिम फैसला राज्यपाल को ही लेना है।